{"_id":"6a2ccffc41258a37650242b2","slug":"lapse-in-government-records-son-seeking-father-death-certificate-receives-his-own-mandi-gobindgarh-2026-06-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकारी रिकॉर्ड में चूक: पिता का मृत्यु प्रमाणपत्र लेने गए बेटे को मिला अपना डेथ सर्टिफिकेट, मचा हड़कंप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकारी रिकॉर्ड में चूक: पिता का मृत्यु प्रमाणपत्र लेने गए बेटे को मिला अपना डेथ सर्टिफिकेट, मचा हड़कंप
Sat, 13 Jun 2026 09:05 AM IST
Nivedita
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी गोबिंदगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी गोबिंदगढ़
Published by: Nivedita
Updated Sat, 13 Jun 2026 09:05 AM IST
सार
मंडी गोबिंदगढ़ के गांव अंबे माजरा के हरविंदर सिंह के पिता केसर सिंह का निधन हो गया था। उन्होंने मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था। जब प्रमाण पत्र जारी हुआ तो उसमें मृतक केसर सिंह के बजाय हरविंदर सिंह का नाम दर्ज था।
विज्ञापन
मृत्यु प्रमाणपत्र दिखाता पीड़ित
- फोटो : संवाद
विस्तार
पंजाब के सरकारी दफ्तरों के रिकॉर्ड में लापरवाही का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है जिसने सरकारी कार्यप्रणाली और रिकॉर्ड व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मंडी गोबिंदगढ़ के निकटवर्ती गांव अंबे माजरा के एक युवक को अपने पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र जब लेने आया तो संबंधित विभाग ने उसके पिता की जगह बेटे को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया।
हरविंदर सिंह ने बताया कि पिछले महीने उनके पिता केसर सिंह का निधन हो गया था। उन्होंने सभी आवश्यक दस्तावेज जमा कर मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था। जब प्रमाण पत्र जारी हुआ तो उसमें मृतक केसर सिंह के बजाय हरविंदर सिंह का नाम दर्ज था। इससे सरकारी रिकॉर्ड में हरविंदर सिंह को ही मृत दर्शा दिया गया। हरविंदर सिंह को इस गलती के कारण कई सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उन्होंने भविष्य में कानूनी और प्रशासनिक परेशानियों की आशंका जताई है। पिता की मौत के बाद महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी ने रिपोर्ट दर्ज की थी। यह घटना सरकारी रिकॉर्ड प्रणाली में लापरवाही उजागर करती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंडी गोबिंदगढ़ के निकटवर्ती गांव अंबे माजरा के एक युवक को अपने पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र जब लेने आया तो संबंधित विभाग ने उसके पिता की जगह बेटे को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन
हरविंदर सिंह ने बताया कि पिछले महीने उनके पिता केसर सिंह का निधन हो गया था। उन्होंने सभी आवश्यक दस्तावेज जमा कर मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था। जब प्रमाण पत्र जारी हुआ तो उसमें मृतक केसर सिंह के बजाय हरविंदर सिंह का नाम दर्ज था। इससे सरकारी रिकॉर्ड में हरविंदर सिंह को ही मृत दर्शा दिया गया। हरविंदर सिंह को इस गलती के कारण कई सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उन्होंने भविष्य में कानूनी और प्रशासनिक परेशानियों की आशंका जताई है। पिता की मौत के बाद महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी ने रिपोर्ट दर्ज की थी। यह घटना सरकारी रिकॉर्ड प्रणाली में लापरवाही उजागर करती है।
विज्ञापन