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आधी रात बनारस की सड़कों पर निकली बेटियों ने बंदिशें तोड़ने का किया ऐलान

Sun, 13 Aug 2017 04:41 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी Updated Sun, 13 Aug 2017 04:41 PM IST
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varanasi daughter do campaign meri raat meri sadak in mid night
night - फोटो : अमर उजाला
रात भी हमारी और सड़कें भी हमारी। न हमें कोई निकलने से रोक सकता है और ना ही चलने से। यही आवाज गुंज रही थी बीती रात 12:30 बजे के बाद पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी की सड़कों पर। साहस, आत्मविश्वास और जज्बा लिए हुए लड़कियां और महिलाएं शनिवार की आधी रात सड़कों पर आई। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें..
varanasi daughter do campaign meri raat meri sadak in mid night
night - फोटो : अमर उजाला
छेड़छाड़ हिंसा और बेवजह की बंदिशों के खिलाफ मेरी रात-मेरी सड़क अभियान के तहत महिलाओं ने अस्सी घाट पर आधी रात को आवाज बुलंद की। उनका कहना था कि रात भी हमारी है और सड़क भी। इस पर हमे निकलने और चलने से नहीं रोका जा सकता है। 
varanasi daughter do campaign meri raat meri sadak in mid night
night - फोटो : अमर उजाला
महिलाओं के साथ होने वाली छेड़खानी, बलात्कार और घरेलू हिंसा के प्रति पुलिस की उदासीनता और असंवेदनशीलता के प्रति गुस्से का इजहार किया गया। महिलाओं ने कहा कि टीम बनाकर जल्द ही जिले के सभी थानों की विजिट की जाएगी, जिससे कि ऐसे मामलों की पड़ताल की जा सके। इसके बाद अस्सी से बीएचयू मालवीय प्रतिमा सिंह द्वार तक प्रतिरोध मार्च भी निकाला गया। 
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night - फोटो : अमर उजाला
अस्सी घाट पर रात करीब साढ़े बारह बजे दो दर्जन से अधिक महिलाओं ने समाज में लड़कियों के प्रति भेदभाव गैर बराबरी और लिंगभेद को लेकर रोष प्रकट किया। उनका कहना था कि बनारस जैसे शहर में 11 माह की बच्ची के साथ दुष्कर्म की जघन्य घटना हो रही है। इससे साफ है कि महिलाएं सड़कों पर सुरक्षित नहीं है। 
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night - फोटो : अमर उजाला
सिंह द्वार पर कहा कि यह आंदोलन स्त्री को बंदिशों और पुरुषवादी मानसिकता से उबारने का अभियान है और यह अब रुकने वाला नहीं है। इस दौरान हम होंगे कामयाब एक दिन गीत गाते हुए महिलाएं मुठ्ठियां तान कर चल रही थी। मेरी रातें मेरी सड़कें लिखी तख्तियां लेकर चल रही थी।
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