सरयू नदी की तबाही: देवारा में 50 बीघा परवल की फसल तबाह, धान पर भी संकट; आजमगढ़ में कई संपर्क मार्ग टूटे
सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर से आजमगढ़ के देवारा क्षेत्र में किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बाढ़ के पानी में करीब 50 बीघा परवल की फसल डूबकर बर्बाद हो गई, जबकि धान की फसल पर भी संकट मंडरा रहा है। जलभराव से कई संपर्क मार्ग टूट गए हैं। ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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सरयू नदी का जलस्तर घटने के बाद देवारा क्षेत्र में बाढ़ की तबाही के निशान साफ दिखाई देने लगे हैं। पानी उतरने के साथ ही जगह-जगह सड़कों के क्षतिग्रस्त होने और फसलों के बर्बाद होने की तस्वीर सामने आ रही है।
सहबदिया गांव में दर्जनों किसानों की करीब 50 बीघा परवल की खेती बाढ़ के पानी में तबाह हो गई। किसानों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं खेतों में खड़ी धान की फसल भी नष्ट होने की कगार पर पहुंच गई है।
सगड़ी तहसील क्षेत्र में घाघरा नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बाद अब कटान भी शुरू हो गई है। नदी का पानी कम होने के साथ कई स्थानों पर तेज बहाव से सड़कें बीच से कट गई हैं। सड़कों पर पानी भरा होने से उनका स्वरूप झील जैसा हो गया है।
बेलहिया ढाला-अजगरा संपर्क मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे कई गांवों का मुख्य मार्गों से संपर्क प्रभावित हुआ है। यहां बाढ़ का पानी हटने के बाद करीब 10 मीटर तक सड़क बही हुई दिखाई दे रही है। लोग नाव के सहारे आवागमन कर रहे हैं। वहीं देवारा खास राजा में भी करीब 10 फीट तक संपर्क मार्ग पुलिया के साथ बह गया है।
परवल के साथ चारे की फसल भी बर्बाद
सहबदिया गांव में परवल की खेती करने वाले एक दर्जन से अधिक किसानों को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। किसान श्रीराम पटेल, बिंदु लाल, रामभवन, शेषनाथ, कृपाल, हरिलाल, छांगुर, विनोद, रग्घू, सुनील और गया आदि का कहना है कि तैयार फसल बर्बाद होने से उनकी मेहनत के साथ लाखों रुपये की पूंजी भी डूब गई। बाढ़ के पानी से पशुओं के चारे की फसल भी प्रभावित हुई है। बाजरा और चरी सूखने लगी है, जिससे पशुपालकों के सामने चारे का संकट खड़ा हो गया है।
पुलिया बहने से दूध कारोबारियों की बढ़ी मुश्किल
देवारा खास राजा में एक पुलिया बह जाने से बाजार आने-जाने वाले ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। दूध-दही का कारोबार करने वालों को अब घूमकर बाजार पहुंचना पड़ रहा है। बेलहिया ढाला पर सात और मानिकपुर में एक नाव का संचालन किया जा रहा है, जिससे प्रभावित लोगों को आवागमन में सहूलियत मिल सके।
फिलहाल सरयू में बाढ़ का खतरा नहीं है। महुला गढ़वल बांध पूरी तरह सुरक्षित है। बाढ़ से निपटने की तैयारियां पूरी हैं। बाढ़ चौकियों पर पर्याप्त बोरी और मिट्टी का स्टॉक रखा गया है। सभी रेगुलेटर बंद हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। - वीरेंद्र कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड
बदरहुआ नाले पर 10 सेमी, डिघिया पर 15 सेमी घटा जलस्तर
सरयू नदी के जलस्तर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। मंगलवार शाम चार बजे के मुकाबले बुधवार को बदरहुआ नाले पर जलस्तर 10 सेंटीमीटर घटकर 71.32 मीटर हो गया। मंगलवार को यहां जलस्तर 71.42 मीटर दर्ज किया गया था। वहीं, डिघिया नाले पर भी जलस्तर में 15 सेंटीमीटर की कमी आई है। मंगलवार को 71.75 मीटर के मुकाबले बुधवार को जलस्तर 70.60 मीटर दर्ज किया गया।
डिघिया नाले का न्यूनतम जलस्तर 68.90 मीटर, खतरा बिंदु 70.40 मीटर और अधिकतम जलस्तर 72.59 मीटर है। इस लिहाज से बुधवार को यहां जलस्तर खतरा बिंदु से 20 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया। वहीं, बदरहुआ नाले का न्यूनतम जलस्तर 70.25 मीटर, खतरा बिंदु 71.68 मीटर और अधिकतम जलस्तर 73.52 मीटर निर्धारित है। बुधवार को यहां जलस्तर खतरा बिंदु से 36 सेंटीमीटर नीचे रहा।