फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Sonbhadra Mining Accident: चिथड़ों में अपनों को ढूंढते रहे घर के सदस्य, कपड़े, कलावा और अंगों से की गई पहचान

Tue, 18 Nov 2025 11:17 AM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र।
अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र। Published by: प्रगति चंद Updated Tue, 18 Nov 2025 11:17 AM IST
सार

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में हुए खदान हादसे के बाद शवों को देख लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। लोग चिथड़ों के बीच अपनों को ढूंढते रहे। इस दौरान किसी की पहचान कपड़े से हुई तो किसी के हाथ पर बने गोदना व कलावा से हुई। 

विज्ञापन
Sonbhadra Mining Accident Family searched loved ones in rags identifying with clothes sacred thread and body
Sonebhadra Mining Accident - फोटो : अमर उजाला

बिल्ली मारकुंडी स्थित श्री कृष्णा माइनिंग वर्क्स की खदान में हुआ हादसा इतना भयावह था कि शव देखने वालों के रोंगटे खड़े हो गए। मजदूरों के शरीर के चिथड़े उड़ गए थे। शव इतना क्षत-विक्षत था कि उसकी पहचान करना भी मुश्किल रहा। काफी देर तक परिजन चिथड़ों में अपनों को तलाशते रहे। किसी की पहचान हाथ में बंधे कलावा और गोदना से हुई तो किसी को उसके कपड़ों से पहचाना गया। अलग- अलग पड़े शरीर के अंगों को सहेजकर किसी तरह पोस्टमॉर्टम कराया गया। फिर उसे कपड़े में लपेटकर अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंपा गया।

Sonbhadra Mining Accident Family searched loved ones in rags identifying with clothes sacred thread and body
Sonebhadra Mining Accident - फोटो : अमर उजाला
कैसे हुआ था हादसा
पत्थर तोड़ने के लिए ब्लास्टिंग से पहले ड्रिलिंग कर अंदर विस्फोटक भरा जाता है। शनिवार को दोपहर श्री कृष्णा माइनिंग की खदान में यही प्रक्रिया चल रही थी। नौ ट्रैक्टर व कंप्रेशर मशीन के साथ 18 मजदूर नीचे काम कर रहे थे। अचानक करीब डेढ़ सौ फीट ऊंचाई से भारी चट्टान गिरा, जिसके मलबे में मजदूर दब गए। यह वही चट्टान है, जिसे हटाने में 30 घंटे से एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लगी रहीं।

इसे भी पढ़ें; UP: सोनभद्र हादसे को 55 घंटे, 48 घंटे के रेस्क्यू में मिली सात मजदूरों की लाशें, कई लापता; मुआवजे का आश्वासन
Sonbhadra Mining Accident Family searched loved ones in rags identifying with clothes sacred thread and body
Sonebhadra Mining Accident - फोटो : अमर उजाला
शवों की दशा देख खड़े हो गए रोंगटे
कई पोकलैन, हाइड्रा सहित अन्य भारी मशीनों की मदद से सोमवार की रात करीब आठ बजे चट्टान को हटाने में सफलता मिली, जिसके बाद शवों को बाहर निकाला जा सका। शवों की दशा देख हर किसी के रोंगटे खड़े हो गए। शरीर क्षत-विक्षत और चेहरा गायब था। कपड़े खून और धूल में सन गए थे। बाद में शरीर के अंगों पर बने निशान और कपड़ों के टुकड़ों को देखकर पहचाना गया। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Sonbhadra Mining Accident Family searched loved ones in rags identifying with clothes sacred thread and body
Sonebhadra Mining Accident - फोटो : अमर उजाला
किसी के गोदना तो किसी के कलावा से हुई पहचान
मृतक इंद्रजीत की पहचान उसकी कलाई पर बने गोदना निशान से हुई, जबकि संतोष को कलावा और कपड़े से भाई छोटू यादव ने पहचाना। घटना का छोटू प्रत्यक्षदर्शी था, लिहाजा उसे सबके कपड़े और हुलिया का अंदाजा भी था।
विज्ञापन
Sonbhadra Mining Accident Family searched loved ones in rags identifying with clothes sacred thread and body
Sonebhadra Mining Accident - फोटो : अमर उजाला

शव को निहारते रहे परिजन, नहीं हुई पहचान
कचनरवा के रवींद्र गोंड ने हाथों में कड़ा पहन रखा था। साथ में नेवी ब्लू रंग का जिंस था। इन्हीं दो चीजों से पिता राजकुमार ने उसे पहचाना। कृपाशंकर के परिवार के लोग हर शव को निहार रहे थे, लेकिन किसी से पहचान नहीं हो पाई।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed