बनारस की बेटी शिवांगी सिंह पहली महिला पायलट होंगी जो राफेल लड़ाकू विमान को उड़ाएंगी। वह वाराणसी के फुलवरिया की रहने वाली हैं। राफेल उड़ाने वाली देश की पहली महिला पायलट फ्लाइंग लेफ्टिनेंट शिवांगी का चयन भारतीय वायु सेना में 2015 में हुआ था और 2017 में कमीशन मिला।
पाकिस्तानी वायुसेना के फाइटर जेट को मार गिराने वाले विंग कमांडर अभिनंदन के साथ भी काम कर चुकी हैं शिवांगी
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बनारस की रहने वाली शिवांगी एक महीने से अंबाला में राफेल कनवर्सन ट्रेनिंग ले रही हैं। जल्द ही उन्हें गोल्डन ऐरो स्क्वाड्रन में शामिल किया जाएगा। अंबाला आने से पहले शिवांगी राजस्थान में पाकिस्तानी सीमा से लगे एयरबेस पर तैनात थीं। वहां उन्होंने विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान के साथ भी काम किया, जिन्होंने बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद मिग-21 से पाकिस्तानी वायुसेना के फाइटर जेट को मार गिराया था।
वाराणसी में पली बढ़ी शिवांगी सिंह का चयन भारतीय वायु सेना में 2015 में हुआ था। महिला लड़ाकू पायलटों के दूसरे बैच के हिस्से के रूप में वर्ष 2017 में भारतीय वायु सेना में कमीशन मिला था। फ्लाइट लेफ्टिनेंट शिवांगी मिग-21 बाइसन उड़ा रही थीं। शिवांगी ने 2013 से 2016 तक बीएचयू के एनसीसी का प्रशिक्षण लिया था और सनबीम भगवानपुर से बीएससी किया था। शिवांगी की मां सीमा सिंह गृहिणी हैं और भाई मयंक बनारस में 12 वीं का छात्र है। पिता ने बताया कि उनका ट्रांसपोर्ट का काम है।
बास्केटबॉल में नेशनल चैंपियन हैं शिवांगी
शिवांगी के पिता कुमारेश्वर सिंह ने बताया कि शिवांगी पढ़ाई में मेधावी रहने के साथ ही उसने एनसीसी में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। साथ ही बास्केटबॉल की नेशनल खिलाड़ी का भी गौरव हासिल किया है। बताया कि एनसीसी में राजपथ पर 2013 में परेड करने के बाद उसने बांग्लादेश का भी दौरा किया। वहां भी एनसीसी में बेस्ट कैडेट चुनी गईं।
वायुसेना में 10 महिला फाइटर पायलट
अभी वायुसेना में 10 महिला फाइटर पायलट और 18 नेवीगेटर हैं। वायुसेना में महिला अधिकारियों की संख्या 1875 है। 2018 में फ्लाइंग ऑफिसर अवनि चतुर्वेदी अकेले लड़ाकू विमान उड़ाने वाली पहली भारतीय महिला बनी थीं। उनके अलावा फ्लाइट लेफ्टिनेंट मोहना सिंह और फ्लाइट लेफ्टिनेंट भावना कंठ पहली बार बतौर फाइटर पायलट वायुसेना में शामिल हुईं।