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मां का शव सवा चार महीने तक कमरे में बंद रखा ताकि पेंशन न हो बंद, ऐसे सामने आया सच
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Thu, 24 May 2018 02:07 PM IST
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धर्म और संस्कृति की नगरी काशी से मां और बच्चों के संबंध को तार-तार कर देने वाला अमानवीय मामला सामने आया है। बेरोजगार चार बेटों, एक बेटी और एक बहू ने गुजर-बसर का कोई आसरा नहीं देखा तो पेंशन पाने वाली 80 वर्षीय बूढ़ी मां की मौत के बाद अंतिम संस्कार ना करके केमिकल युक्त लेप लगाकर शव घर पर ही रख लिया। बुधवार को यह राज खुला तो लोग स्तब्ध तो हुए ही बेटों-बेटी को कोसते नजर आए। आगे की स्लाइड्स में जानिए कैसे खुला यह राज..
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वाराणसी के दुर्गाकुंड क्षेत्र के कबीर नगर स्थित आवास विकास कॉलोनी के चार मंजिला इमारत के भूतल पर बने फ्लैट से आ रही दुर्गंध के कारण आसपास के लोगों का जीना मुहाल हो गया था। लोग उस फ्लैट में जाते और दुर्गंध का कारण पूछते तो वहां रहने वाले लोग झगड़े पर उतर जाते थे। अंततः बुधवार को सौ नंबर पर सूचना दी गई और पुलिस आई। फ्लैट पर पहुंची पुलिस ने घर में मौजूद लोगों से पूछताछ करनी शुरू की। पुलिस घर के अंदर प्रवेश करने की कोशिश की तो विरोध पर उतर आए।
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हालांकि किसी की एक न सुनते हुए पुलिस मकान में घुसी। अंदर एक खस्ताहाल से दिख रहे कमरे से भयानक दुर्गंध आ रही थी। पुलिस ने जब कमरे में झांका तो जो नजर आया वह देख मन डोल गया। अंदर एक वृद्धा का शव कपड़ों में लिपटा पड़ा था। पुलिस ने वृद्धा के सड़े-गले दुर्गंधयुक्त शव को बाहर निकलवाया और पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। इस दौरान घर में मौजूद वृद्धा के चारों बेटों और बेटी के भारी विरोध का भी सामना करना पड़ा।
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दुर्गाकुंड क्षेत्र के कबीर नगर स्थित आवास विकास कॉलोनी के चार मंजिला इमारत के भूतल पर बने फ्लैट में कस्टम विभाग से सेवानिवृत्त अधीक्षक दया प्रसाद परिवार के साथ रहते थे। दया प्रसाद की वर्ष 2000 में मौत हो गई। इसके बाद उनकी पत्नी अमरावती देवी और बेटा रवि प्रकाश, देव प्रकाश, ज्योति प्रकाश, योगेश्वर प्रकाश, गिरीश प्रसाद और विजय लक्ष्मी साथ रहते थे। अमरावती को प्रति माह मिलने वाली पेंशन से परिवार का खर्च चलता था। ज्योति प्रकाश और देव प्रकाश को छोड़कर अन्य किसी का विवाह नहीं हुआ है।
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कबीर नगर की आवास विकास कॉलोनी की अमरावती देवी के फ्लैट का बिजली कनेक्शन यदि बीते हफ्ते न काटा जाता तो शायद उनकी मौत का राज इतनी जल्दी सामने नहीं आ पाता। दरअसल, बिजली कनेक्शन कटने से एसी चलना बंद हो गया था और अमरावती देवी के शव से बदबू उठना शुरू हुई। बुधवार को जब अमरावती देवी के घर से तकरीबन 25-30 फीट की दूरी पर खड़े लोगों को अजीब सी दुर्गंध आई तो शंकावश किसी ने सौ नंबर पर फोन किया और मामला सामने आया। कॉलोनी के लोगों ने बताया कि अमरावती देवी अपने बच्चों पर जान छिड़कती थी।