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दलित को छूने के लिए डॉक्टर ने मांगा 1000 रुपए, नहीं देने पर स्ट्रेचर से धकेल दिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Thu, 24 May 2018 02:07 PM IST
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डॉक्टर
- फोटो : amar ujala
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डॉक्टर को इंसान धरती का भगवान कहा जाता है। वो लोगों की बीमारियों को ठीक कर उन्हें स्वस्थ्य करते हैं। वहीं एक ऐसे डॉक्टर की कारगुजारी सामने आई जिसने इस पेशे पर बदनुमा दाग लगा दिया है। मानवता को शर्मशार करने वाली यह घटना यूपी के जौनपुर से सामने आई है। आगे की स्लाइड्स में देखें..
doctor
जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मछलीशहर के डॉक्टर व उसके स्टाफ ने अनुसूचित जाति के वृद्ध मरीज को छूने के लिए 1000 रुपए फीस मांगी। विरोध करने पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर अपमानित किया और स्ट्रेचर से धकेल दिया। इससे वृद्ध की मौत हो गई।
fake doctor
- फोटो : demo
वादी ने हत्या का आरोप लगाते हुए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया, जिस पर सीजेएम ने डॉक्टर व उनके स्टाफ समेत छह लोगों पर वाद दर्ज कर थाने से रिपोर्ट तलब की है। केशव प्रसाद गौतम निवासी परसूपुर, मछलीशहर ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया कि 17 मई 2018 को उसके पिता नरेंद्र की तबीयत बहुत खराब थी।
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deadbody
वह बाइक से पिता को सीएचसी मछलीशहर ले गया वहां पहुंचकर डॉक्टर को आवाज देते हुए अंदर से स्ट्रेचर लाया। पिता को उस पर लिटाया और इमरजेंसी बताते हुए डॉक्टर से तुरंत इलाज करने के लिए कहा। तब डॉक्टर, उनकी नर्स और फार्मासिस्ट वगैरह ने जातिसूचक शब्दों से अपमानित करते हुए कहा कि मरीज को छूने की फीस एक हजार रुपए लूंगा।
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यूपी पुलिस
विरोध किया तो वे आग बबूला हो गए। डॉक्टर व उनके स्टाफ ने जातिसूचक शब्दों से अपमानित कर गालियां दीं। बीमार पिता को स्ट्रेचर से धकेल दिया। झटके से गिरने व आघात से उसके पिता की वहीं मृत्यु हो गई। दाह संस्कार के बाद उसने थाना मछली शहर व पुलिस अधीक्षक को घटना की सूचना दी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।