फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

ओम प्रकाश राजभर को दो महीने पहले ही मिल गई थी बर्खास्तगी की आहट, ये थी वजह

Mon, 20 May 2019 01:26 PM IST
Sayali Maurya न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बलिया
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बलिया Published by: Sayali Maurya Updated Mon, 20 May 2019 01:26 PM IST
विज्ञापन
Lok Sabha Elections 2019 Om Prakash Rajbhar Dismiss notification after separate from BJP
ओम प्रकाश राजभर (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

आम चुनाव के दौरान भाजपा पर जुबानी हमला आखिरकार अंतिम चरण के चुनाव के बाद ओम प्रकाश राजभर को भारी पड़ ही गया। रविवार की देर शाम से अटकलों के बीच आखिरकार सीएम योगी की सिफारिश पर राज्यपाल रामनाइक ने सोमवार को मुहर लगा ही दी। साथ ही ओमप्रकाश राजभर से उनका मंत्री पद छीन लिया गया। पढ़ें आगे की स्लाइड्स में...



 

Lok Sabha Elections 2019 Om Prakash Rajbhar Dismiss notification after separate from BJP

प्रदेश सरकार के सहयोगी दल सुभासपा के अध्यक्ष और योगी सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने चुनाव से पहले ही सरकार के खिलाफ मुखर हो गए थे। लेकिन चुनाव के मद्देनजर सरकार मंत्री ओम प्रकाश राजभर के खिलाफ कोई भी कदम उठाना मुनासिब नहीं समझ रही थी। क्योंकि इससे जनता में एक गलत संदेश जाता। लेकिन अंदरखाने इस बात की चर्चा जोरों पर थी कि कभी भी मंत्रीपद से ओमप्रकाश को हाथ धोना पड़ सकता है। 


ख़ास आपके लिए:- लोकसभा चुनाव नतीजे: आपके शहर में कौन आगे, कौन पीछे...पल-पल का हाल सीधे आपके मोबाइल पर

Lok Sabha Elections 2019 Om Prakash Rajbhar Dismiss notification after separate from BJP
ओमप्रकाश के प्रति भाजपा की नाराजगी उस समय तय हो गई थी, जब बलिया के बेल्थरारोड से सकलदीप राजभर को राज्यसभा सांसद बना दिया गया था और दोनों के रिश्तों के बीच बर्फ जमनी शुरू हो गई थी। इस बीच ओमप्रकाश को भी लगने लगा था कि भाजपा की यह चाल उन्हें अपनी ही बिरादरी के बीच साख को कम करने वाली है। लिहाजा उन्होंने तुरंत आरक्षण का राग अलापना शुरू कर दिया। 

 
विज्ञापन
विज्ञापन
Lok Sabha Elections 2019 Om Prakash Rajbhar Dismiss notification after separate from BJP

ओम प्रकाश राजभर ने अपने मंच से भाजपा पर जुबानी हमला करने का एक भी मौका नहीं छोड़ा। इसके बाद शुरू हुआ लोकसभा चुनाव का दौर और इसमें भाजपा को लोकसभा चुनाव में जितनी मुश्किल विपक्ष से नहीं हुई, उससे ज्यादा टीस सुभासपा अध्यक्ष और योगी सरकार के मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने दी है। लोकसभा चुनाव में राजभर ने पूर्वांचल की पांच सीटें मांगी लेकिन भाजपा ने लोकसभा चुनाव में एक भी सीट नहीं दी। 

विज्ञापन
Lok Sabha Elections 2019 Om Prakash Rajbhar Dismiss notification after separate from BJP

भाजपा ने औम प्रकाश राजभर की पसंदीदा सीट घोसी देने की पेशकश जरूर की लेकिन शर्त यह थी कि वह भाजपा के सिंबल पर चुनाव लड़ेंगे। यह शर्त ठुकरा कर राजभर ने चुनावी मैदान में ताल ठोंक दी और फिर पांचवें, छठे और सातवें चरण में 39 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार दिए। इनमें 22 सीटों पर सुभासपा उम्मीदवारों के नामांकन वैध पाए गए और राजभर ने अपने हर उम्मीदवार के मंच पर प्रचार के दौरान भाजपा पर जमकर वार किया।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed