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काशी विद्यापीठ शताब्दी समारोह: भरत व्यास शर्मा के भोजपुरी गीतों से सजी शताब्दी समारोह की संध्या
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: गीतार्जुन गौतम
Updated Tue, 16 Feb 2021 12:41 PM IST
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शताब्दी समारोह के सांस्कृतिक कार्यक्रम में नृत्य प्रस्तुत करती छात्रा।ॉ
- फोटो : अमर उजाला
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महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के शताब्दी समारोह का छठवां दिन भोजपुरी गीतों के नाम रहा। गांधी अध्ययन पीठ सभागार में आयोजित सांस्कृतिक महोत्सव में भोजपुरी गायक भरत व्यास शर्मा ने सुमधुर प्रस्तुतियां दीं। निर्गुण के साथ ही लोकगीतों की एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को लोकविधा के रस से सराबोर कर दिया।
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सोमवार को भरत शर्मा ने गायन की शुरुआत सरस्वती वंदना से की। इसके बाद निमिया के डाल...से भक्ति रस का संचार किया। इसके बाद काट ना कटवते जानी, पढ़िया लिखिया कौनो भाषा बतिहैया भोजपुरी में...से महफिल लूट ली। सभागार में श्रोताओं की तालियों ने इस बात का अहसास करा दिया। इसके बाद तोहरा बिन निक नहीं लागे रे..., लुट गइनी यारी में प्रेम की बीमारी में, गोरिया चांद की अजोरिया... के बाद डिम्म डिम्म डमरू बाजे...की प्रस्तुति से समापन किया।
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इसके बाद सामूहिक नृत्य की प्रतुति हुई। हे गणनायक और स्वाला पर भारतीय एवं पश्चिमी संस्कृति के सुंदर मेल की प्रस्तुति सामूहिक नृत्य द्वारा की गई। सामूहिक संगीत की प्रस्तुति मंच कला विभाग के छात्रों ने की। कुलपति प्रो. टीएन सिंह ने भोजपुरी की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए भरत शर्मा व्यास का सम्मान किया। अतिथियों का स्वागत डॉ. वंशीधर पांडेय और संचालन डॉ. राहुल गुप्ता ने किया।
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mahatma gandh kashi vidyapeeth
योग को आत्मसात करने से सुखमय होगा जीवन
शताब्दी समारोह के तहत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा शिक्षा केंद्र की ओर से वैश्विक महामारी में योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा का महत्वपूर्ण योगदान कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना पर सुनैना के नृत्य से हुई। अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रोफेसर टी. एन सिंह ने कहा कि योग को अपने नित्य जीवन में आत्मसात व अनुसरण करने से जीवन सुखमय होगा।
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इस दौरान योग के विद्यार्थियों ने विविध योगासनों पर आधारित नाटक का मंचन किया। शिक्षा संकाय की छात्रा कीर्ति शिखा ने योग नृत्य के साथ अलग-अलग आसनों का मंचन किया। संचालन मयंक और सुनीता ने किया। धन्यवाद ज्ञापन विनय दीक्षित ने किया। इस दौरान प्रो. सुशील कुमार गौतम, डॉ. सुनील कुमार यादव एवं डॉ. सुनीता मौजूद रहीं। इस दौरान डॉ. अल्पना सिंह, प्रो. योगेंद्र सिंह, प्रो. आरपी सिंह, प्रो. अजीत कुमार शुक्ला, प्रो. अशोक मिश्रा, प्रो. वंदना सिन्हा, प्रो. सत्या सिंह, प्रो. ब्रजेश सिंह, प्रो. नलिन श्याम कामिल, प्रो. मलिका पांडेय आदि मौजूद रहे।
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