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बीएचयू अस्पताल में 15 अगस्त से लागू होगी नई व्यवस्था, मिलेगी सहूलियत, जानिए
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Fri, 03 Aug 2018 01:02 PM IST
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बीएचयू अस्पताल
- फोटो : self
बीएचयू के सर सुंदर लाल अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। - बीएचयू अस्पताल की ओपीडी में हर दिन पांच हजार से अधिक मरीज आते हैं। सबसे अधिक समस्या तब होती है जब उन्हें पर्चा जमा करने के बाद इंतजार करना पड़ता है। अब नई व्यवस्था के बाद उनका इंतजार खत्म होगा। पर्चा के अलावा जांच,दवाइयां लेने के लिए बी बार बार पैसा जमा नहीं करना होगा। आगे की स्लाइड्स में देखें...
अस्पताल में इंतजार मरीज
- फोटो : अमर उजाला
बीएचयू के सर सुंदर लाल अस्पताल में मरीजों को जल्द ही पर्चा बनवाने से छुटकारा मिल जाएगी। एम्स की तर्ज पर दूरदराज से आने वाले मरीज आनलाइन ओपीडी में अपना नंबर लगवा सकेंगे। इसके लिए बीएचयू अस्पताल प्रशासन अपना ऐप तैयार करा रहा है। इसके अलावा मरीजों को डिजिटल कार्ड भी दिया जाएगा। इससे जांच, दवा खरीद के लिए लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। स्वतंत्रता दिवस के दिन से इसकी शुरूआत होगी।
मरीजों की लगी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
अस्पताल में यूपी के अलावा बिहार, झारखंड आदि जगहों से हर दिन पांच हजार से अधिक मरीज आते हैं। इसमें सबसे ज्यादा परेशानी ओपीडी के लिए पर्चा बनवाने और फिर ओपीडी में नंबर लगाने में होती है। इसके अलावा मरीजों को जांच के लिए भी पैसा जमा करने के लिए लंबी लाइन में लगना पड़ता है। मरीजों की इन्हीं समस्याओं को देखते हुए अब व्यवस्था में बदलाव करने की तैयारी चल रही है।
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अपनी बारी के लिए लाइन में लगे लोग
- फोटो : अमर उजाला
इसके लिए अस्पताल का ऐप बनवाया जा रहा है, जिससे कि ओपीडी में पर्चा बनवाने से छुटकारा सहित अन्य सुविधाएं मरीजों को घर बैठे ही मिल सकें। पंद्रह अगस्त से शुरू हो रही इस व्यवस्था से हर ओपीडी में पहले 30 मरीज ऐप वाले ही देखे जाएंगे। इसके अलावा डिजिटल कार्ड की व्यवस्था भी की जा रही है। जिसमें एक बार मरीज एक निश्चित धनराशि देकर रिचार्ज करा सकेगा। इसके बाद जांच, दवा आदि में खर्च होने के बाद घर जाते समय कार्ड लौटाने पर बची हुई धनराशि वापस मिल जाएगी। डिजिटल कार्ड से उन्हें जांच के लिए काउंटर पर लाइन भी नहीं लगानी पड़ेगी।
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प्रो. विजयनाथ को एमएस की जिम्मेदारी
- फोटो : अमर उजाला
चिकित्सा अधीक्षक प्रो.विजय नाथ मिश्र ने कहा कि ऐप और डिजिटल कार्ड की व्यवस्था स्वतंत्रता दिवस पर शुरू होगी। कुलपति प्रो. राकेश भटनागर इसका उद्घाटन करेंगे।। इस पर अस्पताल और एचडीएफसी बैंक मिलकर काम कर रहे हैं। ऐप बनाने का काम अंतिम चरण में चल रहा है।