बलिया जिले के रेवती थाना क्षेत्र के दुर्जनपुर में कोटे के चयन के लिए आयोजित खुली बैठक में खूनी संघर्ष के बीच पुलिस के चंगुल में आया मुख्य आरोपी धीरेंद्र सिंह आराम से भाग निकला, इसे लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। वहीं, पीड़ित पक्ष के लोगों का कहना है कि धीरेंद्र की बैरिया विधायक से नजदीकी के कारण उसके सियासी रसूख को देखते हुए पुलिस ने उसे आसानी से जाने दिया।
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Ballia murder case
- फोटो : अमर उजाला
पीड़ित पक्ष ने सवाल उठाया है कि पुलिसकर्मियों की गिरफ्त से भला ऐसे कोई कैसे भाग सकता है। पीड़ित पक्ष ने मांग की है कि धीरेंद्र के पुलिस की गिरफ्त से भागने की जांच करा कर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाए।
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Ballia murder case
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दुर्जनपुर में 15 अक्तूबर को कोटे के लिए आयोजित खुली बैठक का माहौल ऐसा बिगड़ा कि जयप्रकाश पाल की जान चली गई और छह लोग घायल हो गए। लोगों की नाराजगी सबसे ज्यादा इस बात को लेकर है कि आखिरकार पुलिस की गिरफ्त में आया धीरेंद्र भाग कैसे निकला...?
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बलिया में युवक की हत्या का मामला
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इसके साथ ही वारदात में प्रयुक्त असलहा भी धीरेंद्र अपने साथ ले गया, जिसका फायदा उसे उसके खिलाफ दर्ज मुकदमे में आगे मिलेगा। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसा प्रतीत हो रहा है जैसे कि सुनियोजित तरीके से धीरेंद्र को बचाने का प्रयास किया गया है।
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आरोपी को पकड़ती पुलिस
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वहीं, इस संबंध में पूछे जाने पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी स्पष्ट जवाब देने से कतराते नजर आते हैं। उधर, एडीजी जोन बृज भूषण ने बताया कि घटना से जुड़े प्रत्येक पहलू की निष्पक्ष तरीके से जांच कराई जा रही है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर जिसका भी दोष उजागर होगा, वह सभी कार्रवाई की जद में आएंगे।