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Ballia News: मधुमक्खी पालन के लिए लगेंगी 12 इकाइयां, मिलेगा अनुदान
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किसान मधुमक्खी पालन कर अपनी आय बढ़ा सकते है। इसके लिए जिले को 12 इकाई स्थापित करने के लिए लक्ष्य मिला है। किसानों को इकाई लगाने के लिए खुद खर्च करना पड़ेगा। जिसके बाद विभाग की ओर से 40 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। किसानों का चयन पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर लाभ दिया जाएगा।
किसान परंपरागत रूप से धान व गेहूं की खेती करते आ रहे है। जबकि मधु मक्खी पालन के जरिये भी कम लागत में अधिक मुनाफा कमाया जा सकता है। जिले में इस साल 12 इकाई स्थापित करने के लिए लक्ष्य मिला है प्रति इकाई में 50 बाॅक्स होंगे। प्रति इकाई तीन लाख 20 हजार रुपये व्यय करने है। इसके सापेक्ष उद्यान विभाग की ओर से 40 फीसदी अनुदान यानि एक लाख 28 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी।
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इनसेट
मधुमक्खी पालन का उचित समय
मधुमक्खी पालन का उचित समय फरवरी से मार्च तक का होता है। जैसे ही मौसम गर्म होना आरंभ होता है। और फूल खिलने लगते है। किसान अपना छता स्थापित कर सकते है। इस समय फूलों की संख्या अधिक होती है। इससे मधुमक्खी की संख्या में बढ़ोतरी होती है।
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इनसेट
एक बाॅक्स में 25 लीटर शहद मिलता है
मधुमक्खी पालन में एक बाॅक्स से 25 लीटर शहद प्राप्त होता है। यह बाजार में 150 रुपये तक प्रति लीटर बिकती है। इससे किसान को सालाना करीब दो लाख रुपये तक आय होती है। परंपरागत से हट कर खेती करने से किसानों की आय बढ़ रही है। इसके लिए सरकार भी सहयोग दे रही है।
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वर्जन
मधुमक्खी पालन के लिए शासन की ओर से वित्तीय वर्ष में जिले में 12 इकाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पहले आओ पहले पाओ के आधार पर किसान इसका लाभ उठा सकते है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन जरूरी है।
-सीमा सिंह राणा, जिला उद्यान अधिकारी
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किसान परंपरागत रूप से धान व गेहूं की खेती करते आ रहे है। जबकि मधु मक्खी पालन के जरिये भी कम लागत में अधिक मुनाफा कमाया जा सकता है। जिले में इस साल 12 इकाई स्थापित करने के लिए लक्ष्य मिला है प्रति इकाई में 50 बाॅक्स होंगे। प्रति इकाई तीन लाख 20 हजार रुपये व्यय करने है। इसके सापेक्ष उद्यान विभाग की ओर से 40 फीसदी अनुदान यानि एक लाख 28 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी।
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इनसेट
मधुमक्खी पालन का उचित समय
मधुमक्खी पालन का उचित समय फरवरी से मार्च तक का होता है। जैसे ही मौसम गर्म होना आरंभ होता है। और फूल खिलने लगते है। किसान अपना छता स्थापित कर सकते है। इस समय फूलों की संख्या अधिक होती है। इससे मधुमक्खी की संख्या में बढ़ोतरी होती है।
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एक बाॅक्स में 25 लीटर शहद मिलता है
मधुमक्खी पालन में एक बाॅक्स से 25 लीटर शहद प्राप्त होता है। यह बाजार में 150 रुपये तक प्रति लीटर बिकती है। इससे किसान को सालाना करीब दो लाख रुपये तक आय होती है। परंपरागत से हट कर खेती करने से किसानों की आय बढ़ रही है। इसके लिए सरकार भी सहयोग दे रही है।
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वर्जन
मधुमक्खी पालन के लिए शासन की ओर से वित्तीय वर्ष में जिले में 12 इकाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पहले आओ पहले पाओ के आधार पर किसान इसका लाभ उठा सकते है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन जरूरी है।
-सीमा सिंह राणा, जिला उद्यान अधिकारी
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