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सीबीआई के पास बचे सिर्फ तीन दिन, जल्द सुलझ सकती है दुष्कर्म पीड़िता के साथ हुए सड़क हादसे की गुत्थी
Tue, 06 Aug 2019 07:28 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
यूपी डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 06 Aug 2019 07:28 PM IST
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उन्नाव कांड: ट्रक की टक्कर के बाद कार के परखच्चे उड़ गए
- फोटो : अमर उजाला
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उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद विधायक प्रकरण की जांच में सीबीआई के पास सड़क हादसे की गुत्थी सुलझाने के लिए सिर्फ तीन दिन बचे हैं। इसलिए सीबीआई की टीमें लगातार पसीना बहा रही है। सीबीआई को 9 अगस्त तक ये मामला सुलझाना है। चौथे दिन मंगलवार को सीबीआई की दो टीमों ने जिला कारागार से लेकर विधायक के गांव वाले घर पहुंचकर साक्ष्य संकलन किया। पीड़िता के पिता की जेल में पिटाई के आरोपों के साथ ही उसके चाचा को रायबरेली जेल में शिफ्ट किए जाने संबंधी मामले में कई बिंदुओं पर जेल अधीक्षक व जेलर से जानकारी ली और दस्तावेज भी देखे। कुछ दस्तावेज कब्जे में भी लिए।
उन्नाव कांड
- फोटो : अमर उजाला
वहीं दूसरी टीम में शामिल सीबीआई के चार अधिकारियों ने विधायक के करीबियों पर पीड़िता के घर कार से पहुंचकर धमकी देने के आरोपों की जांच की। विधायक के घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी देखी। मंगलवार दोपहर करीब 12:50 बजे सीबीआई के सीओ आरआर त्रिपाठी एक अन्य अधिकारी के साथ जिला कारागार पहुंचे। यहां जेल अधीक्षक एके सिंह के साथ जेलर ब्रजेंद्र सिंह से जानकारी ली। सूत्रों के अनुसार सीबीआई अधिकारियों ने दुष्कर्म पीड़िता के चाचा को उन्नाव जेल से रायबरेली जेल में शिफ्ट किए जाने के कारणों की जानकारी ली।
उन्नाव कांड में जांच करने पहुंची सीबीआई की टीम
- फोटो : अमर उजाला
जेल अधीक्षक ने बताया कि पीड़िता के चाचा ने खुद की जान को खतरा बताकर डीएम को दूसरी जेल में भेजे जाने के लिए प्रार्थनापत्र दिया था। इसके बाद सीबीआई टीम ने दुष्कर्म पीड़िता के चाचा की ओर से जेल में उसके भाई (दुष्कर्म पीड़िता के पिता) की पिटाई के आरोपों के संबंध में जेल अधिकारियों से पूछताछ भी की। जेल अधिकारियों ने आरोप निराधार बताया। टीम ने पीड़िता के पिता के जेल में आने से लेकर उसके इलाज और मौत के बीच हुए घटनाक्रम की बिंदुवार जानकारी ली।
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उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की कार कुछ इस तरह ट्रक में भिड़ी थी
- फोटो : अमर उजाला
करीब डेढ़ घंटा जेल में रुकने के बाद टीम दोपहर करीब 2:30 पर विधायक कुलदीप सेंगर के गांव वाले घर पहुंची। पांच मिनट बाद एक महिला अधिकारी के नेतृत्व में सीबीआई की चार सदस्यीय एक और टीम गांव पहुंच गई। यह टीम पहले पीड़िता के घर पहुंची फिर पड़ोस में रहने वाले पीड़िता के चाचा के करीबी से दुष्कर्म की घटना से लेकर पीड़िता के पिता की पिटाई तक के घटनाक्रम की बिंदुवार जानकारी के लिए करीब 40 मिनट तक पूछताछ की।
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पत्नी को मुखग्नि देता उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता का चाचा
- फोटो : अमर उजाला
सर्च वांरट के साथ विधायक के घर दाखिल हुई सीबीआई
मंगलवार दोपहर सर्च वारंट के साथ पहुंची सीबीआई की दानोें टीमों ने पहले विधायक के घर के बाहर लगे सभी सीसीटीवी कैमरों को बारीकी से देखा। 15 मिनट बाद सीबीआई विधायक के घर में दाखिल हो गई। यहां उसके नौकर से पहले बात की फिर सीसीटीवी फुटेज देखे। सूत्रों की माने तो 12 जुलाई को पीड़िता की ओर से दिए शिकायती पत्र में विधायक के करीबियों द्वारा कार से घर पहुंचकर मुकदमे में सुलह न करने पर धमकी देने का आरोप लगाया गया था। धमकी देने वालों की कार उसके घर के बाहर पहुंची या नहीं, सीबीआई टीम ने इसकी जांच के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले।
मंगलवार दोपहर सर्च वारंट के साथ पहुंची सीबीआई की दानोें टीमों ने पहले विधायक के घर के बाहर लगे सभी सीसीटीवी कैमरों को बारीकी से देखा। 15 मिनट बाद सीबीआई विधायक के घर में दाखिल हो गई। यहां उसके नौकर से पहले बात की फिर सीसीटीवी फुटेज देखे। सूत्रों की माने तो 12 जुलाई को पीड़िता की ओर से दिए शिकायती पत्र में विधायक के करीबियों द्वारा कार से घर पहुंचकर मुकदमे में सुलह न करने पर धमकी देने का आरोप लगाया गया था। धमकी देने वालों की कार उसके घर के बाहर पहुंची या नहीं, सीबीआई टीम ने इसकी जांच के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले।