भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए कांवड़िये कंधों पर आस्था की कांवड़ लेकर साधना के पथ दिन रात लगातार बढ़ रहे है। कांवड़ यात्रा में क्या बूढ़े, क्या बच्चे और क्या जवान, सभी आयु वर्ग के लोग शामिल है। शहर में डाक कांवड़ का भी आवागमन शुरू हो गया है। पुलिस विभाग भी पूरी तरह अलर्ट रहा।
करनाल के भोलों के ठाठ है कि वे हुक्का भी साथ लेकर चल रहे हैं। हर तीस किलोमीटर पर हुक्के में दम लगाते हैं और उसके बाद 30 किलोमीटर तक बोल-बम बम-बम के साथ आगे बढ़ते हैं। तस्वीरों में देखें कांवड़ यात्रा के रंग।
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कांवड़ यात्रा
- फोटो : अमर उजाला
शिव की भक्ति में नाचते, झूमते, गाते कांवड़िये कंधे पर कांवड़ में जल भरकर चले जा रहे हैं। कोई कांधे की कांवड़ तो कोई डाक कांवड़, लेकिन सभी कांवड़ियों का ध्येय एक है, भोलेनाथ का अभिषेक करना। मंगलवार को शहर के बंतीखेड़ा से लेकर कैराना, झिंझाना मार्ग, मुख्य मार्ग पर आस्था का सैलाब देखने को मिला।
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कांवड़ यात्रा
- फोटो : अमर उजाला
कांवड़ियों की टोलियां एक के बाद एक करके निकल रही थीं। भीषण गर्मी में कांवड़ियों का जोश और जज्बा देखने लायक है। पैरों में छाले है, ऊपर से सूरज की तपिश और जुबां पर बम भोले का जयकारा। महादेव की धुन में कांवडिये अपने गंतव्य की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं।
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कांवड़ यात्रा
- फोटो : अमर उजाला
डाक कांवड़ के समय में किसी ने भोले की इच्छा तो, किसी ने 19 घंटे तो किसी ने 13 घंटे 26 मिनट आदि का बैनर लगा रखा था। डीजे पर भजनों की मस्ती के साथ भोले झूम रहे हैं। शिवभक्तों को देखने के लिए लोग भी जुट रहे हैं।
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हुक्का गुड़गुड़ाते शिवभक्त
- फोटो : अमर उजाला
बताया कि हरियाणा के सभी जिलों में हुक्के को गुड़गुड़ाना शान समझा जाता है। मंगलवार को करनाल के 12 भोलों का ग्रुप शहर से निकला तो उनकी हुक्के की शान साफ नजर आई। हुक्का गुड़गुड़ान के दौरान सोनू ने बताया कि वह एक विशाल कांवड़ लेकर हरिद्वार से आए हैं।
बताया कि उनके ग्रुप का उसूल है कि वह 30 किलोमीटर ही रुकते हैं। वहां रुककर आराम करने के साथ हुक्का गुड़गुड़ाते है और इसके बाद बोल बम के जयकारे के साथ फिर से 30 किलोमीटर की यात्रा तय करते हैं। इस दौरान सूरज, मंदीप, मन्नी, विकास, विशाल, मोनू हर्षित, गौरव, सुमित, राहुल, अर्नव आदि है।