सहारनपुर के पॉश एरिया मिशन कम्पाउंड से मां की आंख में मिट्टी डालकर बच्चा छीनने की वारदात का पुलिस ने 48 घंटे के अंदर खुलासा कर दिया। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर बच्चे को सकुशल बरामद किया, जबकि एक आरोपी फरार है। आरोपियों ने दो लाख रुपये में बच्चे को एक राशन डीलर को बेच दिया था। डीजीपी ने पुलिस टीम को एक लाख और डीआईजी ने 50 हजार रुपये का ईनाम देने की घोषणा की है।
आंचल में लौटा शिवा: बदमाशों ने मां की आंखों में मिट्टी डालकर छीन लिया था, दो लाख में हुआ था मासूम का सौदा
एसएसपी ने बताया कि बच्चे का अपहरण करने वाला थाना बड़गांव क्षेत्र के गांव मिर्जापुर निवासी कुलदीप शर्मा निकला। पुलिस ने कुलदीप को उसके गांव से ही पकड़ा। कुलदीप ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि उसके गांव में ही रहने वाले अपने साथी विकास टंडन के साथ मिलकर उसने बच्चे का अपहरण किया था, जिसको थाना बड़गांव क्षेत्र के गांव अंबेहटा चांद निवासी राशन डीलर ओमपाल को दो लाख रुपये में बेच दिया था, जिसके बाद पुलिस ने ओमपाल के घर पर दबिश दी और बच्चे को बरामद किया। इसके बाद पुलिस ने ओमपाल को भी पकड़ा।
एसएसपी ने बताया कि ओमपाल का कोई पुत्र नहीं है और एक बेटी है। इसलिए ओमपाल ने विकास टंडन को कहीं से बच्चा दिलाने के लिए कहा था। इसके बाद विकास टंडन ने कुलदीप के साथ मिलकर बच्चे को अगवा किया। विकास टंडन अभी फरार चल रहा है, जिस कार का वारदात में इस्तेमाल किया गया, वह भी विकास के पास है। पुलिस टीमें विकास की गिरफ्तारी को दबिश दे रही हैं।
प्लानिंग के तहत दिया वारदात को अंजाम
कुलदीप और विकास ने ओमपाल से बच्चे का सौदा दो लाख में तय किया था। पैसे बच्चा मिलने पर दस दिन बाद देना था। कुलदीप और विकास पूरे दिन महानगर में बच्चे की तलाश में घूमते रहे। इनको हीना रेलवे स्टेशन के पास घूमती मिली। आरोपियों ने हीना से कहा कि उन्हें बच्चे को पैसे दान में देने हैं। तुम्हारी गोद में बेटी है या बेटा है। हीना ने बताया कि उसके दो बेटियां है और गोद में सात माह का पुत्र शिवा है। इसके बाद आरोपियों ने शिवा के नाम से हीना को 50 रुपये दिए और आरोपी हीना का पीछा करते रहे। हीना बेहद गरीब परिवार से और भिक्षा मांगकर गुजारा करती है। शुक्रवार की रात खेमका सदन में शादी समारोह चल रहा था। तब, हीना भी खेमका सदन के पास बैठी थी। तभी, कुलदीप ने उसकी आंख मिट्टी डालकर बच्चे को छीन लिया था और विकास के साथ गाड़ी में बैठकर फरार हो गया था।
मां बोली- करती हूं योगी सरकार की पुलिस का धन्यवाद
आरोपियों ने तय किया था कि किसी गरीब और मांग कर गुजारा करने वाली महिला का बच्चा ही अगवा करेंगे। क्योंकि, ऐसी महिला थाने में शिकायत भी नहीं कर पाएगी और पुलिस भी ज्यादा ध्यान नहीं देगी। वारदात के बाद एसएसपी ने खुलासे के लिए तीन टीमों को लगाया था। बच्चे के बरामद होने पर पुलिस लाइन में हीना एसएसपी के समक्ष बोली कि, वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार की पुलिस का धन्यवाद करती है। क्योंकि, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसके पुत्र को बरामद कर लिया।