सहारनपुर में महिला से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पूर्व एमएलसी और 50 हजार के इनामी हाजी इकबाल को हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया है। हाजी इकबाल ने तथ्य छिपाकर जमानत के लिए हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी, जिसे हाईकोर्ट ने निरस्त कर दिया।
मिर्जापुर में हाजी इकबाल उर्फ बाल्ला, उसके भाई महमूद अली और उसके पुत्रों के खिलाफ एक महिला ने सामूहिक दुष्कर्म किए जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने इस मामले में न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की। इसके साथ ही हाजी इकबाल के पुत्रों और भाई को जेल भेजा था।
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हाजी इकबाल
- फोटो : amar ujala
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में हाजी इकबाल ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से हाईकोर्ट में जमानत याचिका लगाई थी, जिसमें तथ्यों को छिपाया गया।
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हाजी इकबाल और बेटा जावेद।
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वहीं पुलिस ने मामले में सशक्त पैरवी करते हुए सभी तथ्य कोर्ट में प्रस्तुत किए, जिसके बाद हाईकोर्ट ने इकबाल की याचिका को निरस्त कर दिया। कोर्ट ने नोटिस भी जारी किया है।
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खनन माफिया हाजी इकबाल के खिलाफ हुई थी बड़ी कार्रवाई।
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बता दें कि हाजी इकबाल फरार चल रहा है, जबकि उसका भाई पूर्व एमएलसी महमूद अली व चार पुत्र जेल में बंद हैं।
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एसएसपी सहारनपुर, डॉ. विपिन ताडा
- फोटो : अमर उजाला
एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि मामले में हाईकोर्ट में सशक्त पैरवी कर साक्ष्य प्रस्तुत किए थे। इसके बाद हाईकोर्ट ने जमानत याचिका खारिज करते हुए नोटिस जारी किया है।