ठाकुरद्वारा क्षेत्र में तेंदुओं का आतंक अब खेतों की मेड़ पार कर ग्रामीणों के घरों तक पहुंच गया है। बहापुर बलिया गांव में शुक्रवार रात खेत से सटे एक खुले मकान के आंगन में सो रहे दिव्यांग किसान जगराज सैनी (35)को तेंदुआ गर्दन से दबोचकर उठा ले गया। सुबह किसान का शव घर से कुछ दूरी पर खेत में मिला।
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मुरादाबाद में तेंदुए का आतंक
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जिस घर में यह घटना हुई वह खेत के बिल्कुल नजदीक है। उसमें खिड़की-दरवाजे भी नहीं हैं। इसी खुले रास्ते से तेंदुआ आसानी से आंगन तक पहुंच गया। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। इससे पहले बहापुर बलिया में 18 अगस्त को चारा लेने गईं ब्रह्मो देवी पर तेंदुए ने हमला किया था।
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मुरादाबाद में तेंदुए का आतंक
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इसके बाद 25 अगस्त को गन्ने के खेत में काम कर रहीं मिथिलेश देवी को तेंदुए ने निशाना बनाया। दोनों घटनाओं में महिलाओं की मौत हुई। मिथिलेश पर हमला उस समय हुआ जब आसपास उनके पति और ग्रामीण मौजूद थे।
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मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा इलाके में तेंदुए का आतंक
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अब जगराज को घर के आंगन से उठाकर ले जाने की घटना ने हमलों की गंभीरता और बढ़ा दी है। 29 अगस्त तक ठाकुरद्वारा क्षेत्र में तेंदुए के हमलों से चार लोगों की मौत हो चुकी है। सबसे पहले तीन अगस्त को लालापुर पीपलसाना गांव में खेत में चारा काट रही महिला संतोष देवी को निवाला बनाया था।
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मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा इलाके में तेंदुए का आतंक
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वन विभाग के अनुसार ठाकुरद्वारा क्षेत्र में करीब 30 तेंदुओं की सक्रियता का अनुमान लगाया गया है और लगभग 40 गांव प्रभावित बताए गए हैं। तेंदुओं की निगरानी और रेस्क्यू के लिए पिंजरे लगाए गए हैं। थर्मल ड्रोन से भी तलाश की जा रही है। इसके बावजूद आबादी के बीच तेंदुए की मौजूदगी लगातार चुनौती बनी हुई है।