संभल बवाल के दौरान गोली लगने से घायल हुए कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कोटगर्वी निवासी वसीम का उपचार मुरादाबाद के निजी अस्पताल में चल रहा है। वसीम के भाई तहसीन ने बवाल का आरोप गांवों से आई भीड़ पर लगाया है। तहसीन का कहना है कि रविवार की सुबह तमाम लोग उनके मोहल्ले में एकत्र हो रहे थे। इसमें ज्यादातर वह लोग थे जो गांवों के थे। बताया कि वह तो अपने दरवाजे पर थे और उनका भाई नजदीक में खड़ा था। इसी दौरान उनके भाई के सीने में गोली लग गई। वसीम की हालत में अब सुधार है।
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ईंटों के ढेर के नजदीक से पथराव करते उपद्रवी
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बता दें वसीम के साथ घायल होने वाले अयान ने उपचार के दौरान मुरादाबाद के निजी अस्पताल में ही दम तोड़ दिया था। वसीम और अयान एक ही स्थान पर गोली लगने से घायल हो गए थे। तहसीन के आरोप के बाद यह सवाल उठता है कि आखिरी गांवों की भीड़ इतनी सुबह किसकी सूचना पर पहुंची। क्योंकि सर्वे होने की जानकारी जामा मस्जिद कमेटी और प्रशासन ने सार्वजनिक नहीं की थी। जब सूचना सार्वजनिक नहीं थी तो सुबह-सुबह लोग इतनी बढ़ी संख्या में कैसे पहुंचे।
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संभल में जामा मस्जिद के पीछे उपद्रवी पुलिस पर पथराव करते हुए
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डीआईजी, डीएम और एसपी के सामने महिलाओं ने फेंके पुलिस पर पत्थर
संभल में पीआरओ और दो अन्य सिपाहियों पर हमले की सूचना पर पहुंचे डीआईजी, डीएम और एसपी पर भीड़ ने पथराव किया था। इसमें तीन महिलाएं भी शामिल थीं। यह बात मंगलवार को अधिकारियों ने प्रेसवार्ता के दौरान बताई।
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संभल में पुलिस पर पथराव करती भीड़
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कहा कि हिंदूपुरा खेड़ा में जब वह फोर्स के साथ पहुंचे थे तो तीन महिलाओं ने छतों से पुलिस पर पथराव किया। इसके अलावा अन्य लोग भी छतों से पथराव कर रहे थे। इसलिए तीन महिलाओं को भी गिरफ्तार किया गया। एसपी ने बताया कि कई स्थानों पर लगे सीसीटीवी फुटेज की डीवीआर भी नहीं मिली है। एसपी ने कहा कि उपद्रवियों की पहचान कराई जा रही है।
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संभल में बवाल के दौरान कार में लगी आग से बचकर भागते पुलिसकर्मी
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सीसीटीवी तोड़कर किया बवाल, सुनियोजित होने की आशंका
पुलिस प्रशासन की ओर से 11 वीडियो जारी की हैं। इसमें पांच वीडियो ड्रोन कैमरे, तीन कैमरे और तीन सीसीटीवी कैमरों की हैं। इसमें उपद्रवी सीसीटीवी कैमरे भी तोड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। सीसीटीवी कैमरे में कैद उपद्रवियों के चेहरे साफ भी दिखाई दे रहे हैं और मास्क भी लगाया हुआ है। यह उपद्रवी बवाल से पहले कैमरो को क्षतिग्रस्त करते हैं और फिर बवाल करते हैं। ड्रोन कैमरे भी तोड़ने के लिए पथराव किया लेकिन कैमरे तक पत्थर नहीं पहुंचा।