अमरोहा के कैलसा में जमीन में हिस्सा मांगने पर हत्या के आरोपी शिवराज ने अपनी नर्स बहन संयोगिता की हत्या गन्ना काटने के गंडासे से की थी। उसने पहला प्रहार सिर पर किया। इसके बाद दो वार गर्दन व चेहरे पर किए और जीवित समझ कर दुपट्टे से गला भी दबा दिया।
सिर पर प्रहार इतना तेज था कि भीतर की हड्डी टूट गई और दिमाग भी फट गया। घटना के समय संयोगिता खाना खाए हुए थी। इससे साफ है घटना के कुछ देर पहले तक घर में सबकुछ ठीक था। इसी दौरान संयोगिता ने खाना खाया होगा।
मंगलवार की दोपहर तीन डॉक्टरों के पैनल ने संयुक्त के शव का पोस्टमार्टम किया। इसके बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। वहीं, पुलिस ने हत्यारोपी श्योराज को हिरासत में ले लिया है। पूछताछ के दौरान उसने पुलिस को यही बताया कि संयोगिता जमीन में हिस्सा मांग रही थी।
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अमरोहा में संयोगिता की हत्या
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घटना के समय थोड़ी सी कहासुनी हुई और गुस्से में आकर मार डाला। हत्या के आरोपी श्योराज को उसके हाथों बहन की हत्या होने का अफसोस है। उसका कहना है कि हत्या करना इरादा नहीं था बस गुस्से में मार दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में संयोगिता के सिर, चेहरे और गर्दन पर गहरी चोट के तीन निशान मिले हैं। एसपी अमित कुमार आनंद ने बताया कि हत्यारोपी शिवराज को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
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संयोगिता हत्याकांड
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर और गर्दन पर धारदार हथियार के चोट के निशान मिले है। उसने संयोगिता का दुपट्टे से गला भी घोटा था। उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त वस्तु को बरामद करने की कोशिश की जा रही है। मामले में मां हुकुम देवी की तहरीर पर सोमवार की देर रात श्योराज के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई थी।
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अमरोहा में संयोगिता की हत्याकांड की जांच करती पुलिस
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यह था मामला
अमरोहा देहात थाना क्षेत्र के नन्हेड़ा अलियारपुर गांव में दिवंगत भगवान दास का परिवार रहता है। वह सिंचाई विभाग में चपरासी थे। परिवार में पत्नी हुकुम देवी के अलावा बेटा श्योराज और तीन बेटी शकुंतला, ममता और संयोगिता हैं। बड़ी बेटी शकुंतला और ममता की शादी हो चुकी है।
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जांच करती पुलिस
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संयोगिता अविवाहित हैं। पांच साल से मुरादाबाद के निजी अस्पताल में नर्स थीं लेकिन 16 अक्तूबर को पिता के निधन के बाद गांव में ही रहने लगीं। पिता की जमीन में संयोगिता के हिस्सा मांगने के कारण भाई श्योराज से विवाद चल रहा था।