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UP: आकार ले रही बावड़ी का रहस्य जानने के लिए खोदाई; तीन मंजिला भवन के भी संकेत; संभल में अबतक क्या-क्या निकला
Mon, 23 Dec 2024 01:14 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, संभल
अमर उजाला नेटवर्क, संभल
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 23 Dec 2024 01:14 PM IST
सार
अभिलेखों में 400 वर्ग मीटर एरिया में बावड़ी तालाब के रूप में दर्ज है। बिलारी के राजा के परिवार के समय यहां बावड़ी बनी थी। इसमें तीन मंजिल भवन के संकेत भी मिले हैं। जानें संभल में अब तक क्या-क्या मिला?
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sambhal temple
- फोटो : अमर उजाला
संभल के चंदौसी के मोहल्ला लक्ष्मण गंज में मिली बावड़ी का अस्तित्व में लाने के लिए दूसरे दिन रविवार को भी शाम छह बजे तक खोदाई कार्य किया गया। दो जेसीबी और मजदूरों को कार्य में लगाया लगाया गया था। इसके बाद धीरे-धीरे बावड़ी आकार लेने लगी। जिसमें चार गलियारेनुमा कमरे बताए जा रहे हैं। इस दौरान लोगों की भीड़ लगी रही। वहीं पुलिस रस्सी बांध कर लोगों को बावड़ी के करीब आने से रोकती रही।
संभल में बंद मंदिर खोला गया
- फोटो : संवाद
सनातन सेवक संघ के प्रांत प्रचार प्रमुख कौशल किशोर वंदेमातरम् द्वारा शनिवार को तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम राजेंद्र पैंसिया को एक प्रार्थनापत्र देकर मोहल्ला लक्ष्मण गंज में 17 दिसंबर को मिले खंडहरनुमा बांकेबिहारी मंदिर के पास आबादी के बीच खाली प्लाट में सन् 1857 की बनी बावड़ी होने का दावा किया गया था।
डीएम के आदेश पर तहसील और पालिका की टीम भेज कर शनिवार की शाम चार बजे दो जेसीबी से खोदाई शुरू की गई तो एक घंटे बाद ही दीवारें नजर आने पर बावड़ी का अस्तित्व सामने आने लगा। हालांकि शनिवार को शाम छह बजे अंधेरा होने पर खोदाई रोक दी गई।
डीएम के आदेश पर तहसील और पालिका की टीम भेज कर शनिवार की शाम चार बजे दो जेसीबी से खोदाई शुरू की गई तो एक घंटे बाद ही दीवारें नजर आने पर बावड़ी का अस्तित्व सामने आने लगा। हालांकि शनिवार को शाम छह बजे अंधेरा होने पर खोदाई रोक दी गई।
संभल में कूएं की खोदाई
- फोटो : संवाद
रविवार को सुबह 10 बजे से फिर से खोदाई शुरू हुई। प्रशासन ने बताया कि दोपहर तीन बजे तक बावड़ी की पहली मंजिल के चार कमरे दिखाई देने लगे। कमरों से जुड़ा लंबा गलियारा है, जिसे शुरू में सुरंग माना जा रहा था। इसके बाद शाम छह बजे तक बावड़ी के ऊपर की मिट्टी हटाने का काम किया गया। एसडीएम नीतू रानी ने बताया कि अभी चार कमरे दिखाई दिए हैं। सोमवार को खोदाई का कार्य जारी रहेगा।
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संभल में एएसआई सर्वे
- फोटो : संवाद
बावड़ी से जुड़े तीन मंजिला भवन के भी संकेत
डीएम बताया कि अभिलेखों में 400 वर्ग मीटर एरिया में बावड़ी तालाब के रूप में दर्ज है। बिलारी के राजा के परिवार के समय यहां बावड़ी बनी थी। इसमें तीन मंजिल भवन के संकेत भी मिले हैं। दो मंजिल संगमरमर से बनी हैं। एक मंजिल ईंटों से बनी है। इसमें कुआं भी है और चार कक्ष बने हैं। ये बावड़ी 150 साल पुरानी बताई जा रही है। डीएम ने बताया कि जरूरत पड़ी तो पुरातत्व निदेशालय की टीम को पत्र भेजा जाएगा। डीएम ने बताया कि बावड़ी के कुछ समय पूर्व मिले मंदिर का भी जीर्णोद्धार किया जाएगा। जिससे लोग वहां पूजा कर सकें। इसके लिए अतिक्रमण भी हटाया जाएगा।
डीएम बताया कि अभिलेखों में 400 वर्ग मीटर एरिया में बावड़ी तालाब के रूप में दर्ज है। बिलारी के राजा के परिवार के समय यहां बावड़ी बनी थी। इसमें तीन मंजिल भवन के संकेत भी मिले हैं। दो मंजिल संगमरमर से बनी हैं। एक मंजिल ईंटों से बनी है। इसमें कुआं भी है और चार कक्ष बने हैं। ये बावड़ी 150 साल पुरानी बताई जा रही है। डीएम ने बताया कि जरूरत पड़ी तो पुरातत्व निदेशालय की टीम को पत्र भेजा जाएगा। डीएम ने बताया कि बावड़ी के कुछ समय पूर्व मिले मंदिर का भी जीर्णोद्धार किया जाएगा। जिससे लोग वहां पूजा कर सकें। इसके लिए अतिक्रमण भी हटाया जाएगा।
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खग्गू सराय में मिले शिव मंदिर में पूजा करते लोग
- फोटो : संवाद
सबसे पहले खग्गू सराय में मिला बंद मंदिर
संभल के मुस्लिम बाहुल्य इलाका खग्गू सराय में 46 वर्षों से बंद ऐतिहासिक शिव मंदिर मिला। इसके बाद वहां पूजा शुरू हो गई। मंदिर मिलने के बाद पूरे इलाके की सफाई करवाई गई थी। प्रशासन को यह मंदिर अतिक्रमण हटाओ अभियान के दाैरान मिला।