न्यूनतम और अधिकतम तापमान में अंतर कम होने से ठंड का सितम बढ़ गया। घने कोहरे के साथ दिन की शुरुआत हुई, धूप के दर्शन नहीं हुए हैं। घर से बाहर निकले लोग ऊनी कपड़ों में भी ठिठुरते नजर आए। दोपहर तक कोल्ड डे कंडीशन की स्थिति बनी है। वहीं मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले 48 घंटे में सर्दी और असर दिखाएगी।
लुढ़का पारा, सूरज हारा.., सुबह को कोहरा, दिन में ऊनी कपड़ों में भी ठिठुरते नजर आए लोग, तस्वीरें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोमवार को सुबह नौ बजे तक कोहरा छाया हुआ था। न्यूनतम तापमान में 6 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। ठंड इतनी अधिक थी कि दुपहिया वाहन पर चलना मुश्किल हो रहा था। शाम होते होते ठंड और बढ़ गई। चारों ओर कोहरे की चादर तननी शुरू हो गई थी।
सर्दी के कारण बाजारों में रौनक भी कम दिखी। दुकानें भी जल्द बंद हो गईं। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के मौसम कार्यालय पर दिन का अधिकतम तापमान 13.0 डिग्री व रात का न्यूनतम तापमान 9.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। अधिकतम आर्द्रता 92 व न्यूनतम आर्द्रता 74 प्रतिशत दर्ज की गई।
ठंडे दिन की स्थिति
बढ़ती ठंड के बीच में जब न्यूनतम तापमान 15 डिग्री से नीचे आ जाता है तो उसे ठंडे दिन की स्थिति (कोल्ड डे कंडीशन) कहते हैं। यह सामान्य से सात से आठ डिग्री कम होता है। ऐसी स्थिति में ठिठुरन का असर बढ़ जाता है और गलन महसूस होती है। धूप नहीं निकलती है। मंगलवार को सुबह से ही ऐसी स्थिति बनी हुई है।
अभी और बढ़ेगी ठंड
अभी ठंड से राहत नहीं मिलेगी। पहाड़ों पर बर्फबारी से पश्चिमी यूपी में शीतलहर और कोहरे का प्रकोप बढ़ा है। दिन में एक्यूआई में भी गिरावट आई है। सर्दी का असर अभी ऐसे ही बना रहेगा। फिलहाल तीन चार दिन राहत के आसार कम हैं। आने वाले 48 घंटे में सर्दी का असर और भी बढे़गा। -डाॅ. एन. सुभाष, मौसम वैज्ञानिक आईआईएफएसआर
पाले से फसलों का बचाव जरूरी
कृषि विवि के वैज्ञानिक डा आर एस सेंगर के अनुसार पाले से फसलों का बचाव जरूरी है। पाले से फसलों को बचाने के लिए खेत में हल्की नमी जरूरी है। इसके लिए समय से हल्की सिंचाई करते रहनी चाहिए। आलू की फसल को पाले से बचाने के लिए विशेषज्ञों से सलाह लें। सब्जी की फसलों में भी पाले से बचाव के लिए सावधानी बरतनी जरूरी है।