मेरठ में गुरुवार रात्रि को हुई पुलिस मुठभेड़ में मारे गए बदमाश गुलफाम उर्फ भूरा के परिजनों ने भूरा को घर से उठाकर मारने का आरोप लगाकर पुलिस की मुठभेड़ पर सवाल उठाए हैं। वहीं शनिवार सुबह उसकी पत्नी की सदमे से हालत बिगड़ गई। उधर लोगों के आक्रोश को देखते हुए जाकिर कॉलोनी में पीएसी व आरएएफ तैनात की गई है। पल्हैड़ा गांव में भी फोर्स तैनात है। आक्रोश के बीच दोनों बदमाशों के शव सुपुर्द ए खाक किए गए।
यूपी: पुलिस मुठभेड़ में मारे गए कुख्यात 'भूरा' की पत्नी की सदमे से हालत बिगड़ी, परिजनों ने उठाए सवाल
पुलिस मुठभेड़ में एक लाख का इनामी शकील व 25 हजार का इनामी भूरा मारा गया है। भूरा के परिजनों का कहना है कि उनके बेटे पर एक भी मुकदमा दर्ज नहीं था। वह बेकसूर था। पुलिस उसे घर से उठाकर ले गई थी। मुठभेड़ दर्शाकर उसकी हत्या कर दी। पोस्टमार्टम हाउस पर भूरा के परिजनों ने हंगामा किया। इसकी जानकारी पर पुलिस महकमे में खलबली मच गई। लोगों ने पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
भूरा के परिजनों में आक्रोश देखकर एसएसपी ने लिसाड़ीगेट को छावनी में तब्दील कर दिया। भूरा के शव को सुपुर्द ए खाक कराने के लिए जाकिर कॉलोनी से लेकर हिमायुंनगर तक पीएसी और आरएएफ लगा दी। पुलिस ने लोगों को चेतावनी दी कि अगर किसी ने कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी को एतराज है तो वह पुलिस अधिकारियों से शिकायत करें। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
पिता बोले, एनकाउंटर फर्जी है
गुलफाम उर्फ भूरा के पिता इकरामुद्दीन ने कहा कि मेरा बेटा बदमाश नहीं था। अगर बेटे पर एक भी मुकदमा हो तो पुलिस बताए। पुलिस ने फर्जी मुठभेड़ कर बेटा मारा है। इसकी जांच होनी चाहिए। इसकी जानकारी लगने पर लिसाड़ीगेट के लोगों में आक्रोश फैल गया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक दोपहर को जुमे की नमाज के दौरान भी कई धार्मिक स्थल पर इसकी चर्चा हुई।
सपा नेता ने आपत्ति जताई
गुलफाम पर कोई मुकदमा नहीं था, पुलिस ने फर्जी एनकाउंटर किया है। इसकी जानकारी पर सपा के जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह, शहर विधायक रफीक अंसारी समेत कई नेता लिसाड़ीगेट पहुंचे। सपा नेताओं ने पुलिस मुठभेड़ पर सवाल उठाकर जांच कराने की मांग की। एसपी सिटी और सीओ कोतवाली ने सपा नेताओं को समझा बुझाकर शांत कराया। आश्वासन दिया कि निष्पक्ष जांच होगी।