उत्तर प्रदेश में सोमवार की बारिश एक परिवार के लिए मौत बनकर आई। पूरा परिवार घर के भीतर था और मकान की छत भरभराकर गिर गई। चीख-पुकार मची तो पड़ोसी दौड़ पड़े। इस हादसे में मां-बेटे की मौत हो गई। जबकि कई गंभीर रूप से घायल हो गए। जानिए पूरा मामला।
Pics: 'मौत' बनकर आई बारिश, परिवार पर टूटा कहर, मां-बेटे की थम गईं सांसें
घटना उत्तर प्रदेश के शामली जिले की है। यहां बारिश के कारण छत में डाला गया गाटर टूटने से छत भरभराकर गिर गई। छत के मलबे के नीचे दबकर एक महिला और उसके बेटे की मौत हो गई, जबकि पति, दूसरा बेटा घायल हो गया। सूचना पर डीएम-एसपी ने घटना स्थल का मुआयना किया और जानकारी ली। प्रशासन ने पीड़ित परिवार को दैवीय आपदा के तहत आर्थिक सहायता स्वीकृत की है।
मोहल्ला ईदगाह रामड़ा रोड निवासी यूनुस बागवां रिक्शा चलाता है। यूनुस ने अपने मकान में ईंटों और मिट्टी से एक कमरा बना रखा है। सोमवार दोपहर डेढ़ बजे जैसे ही बारिश शुरू हुई तो कमरे की छत में कड़ियों के नीचे लगा गाटर टूट गया। जिसके बाद पूरी छत भरभराकर गिर गई। छत के मलबे में यूनुस, उसकी पत्नी नाजमा (46), बेटा मुरसलीन (13) और दूसरा बेटा (10) समीर दब गए।
वहीं छत गिरने की आवाज पर मोहल्ले में चीखपुकार मच गई। सैकड़ों की संख्या में भीड़ एकत्र हो गई और मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू हो गया। करीब आधा घंटे बाद कड़ी मशक्कत के बाद लोगों ने मलबे के नीचे से यूनुस की पत्नी नाजमा व बेटे मुरसलीन को बाहर निकाला, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी।
इसके बाद यूनुस और उसके दूसरे बेटे समीर को बाहर निकाला। दोनों को घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से उनको बाहर रेफर कर दिया। सूचना पर एसडीएम सुरजीत सिंह, सीओ राजेश कुमार तिवारी, कोतवाली प्रभारी भगवत सिंह, तहसीलदार रणबीर सिंह मौके पर पहुंच गए तथा पूरे मामले की जानकारी ली। इसके बाद डीएम इंद्र विक्रम सिंह और एसपी दिनेश कुमार भी मौके पर पहुंच गए। उधर, देर शाम एसडीएम सुरजीत सिंह ने बताया कि दैवीय आपदा के तहत रिपोर्ट तैयार कराई गई है। पीड़ित परिवार को आठ लाख रुपये की आर्थिक सहायता मुहैया कराई जा रही है।
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