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UP Chunav : चुनाव समीकरणों पर तेज हुई बहस, चौपालों से नुक्कड़ों तक मचा घमासान, कहीं बाजी न पलट दें डाक मतपत्र, पढ़ें खास रिपोर्ट

Wed, 23 Feb 2022 12:02 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Wed, 23 Feb 2022 12:02 PM IST
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UP Chunav 2022: Postal ballot voting will play an important role in assembly election results
विधनासभा चुनाव 2022। - फोटो : amar ujala

मतगणना भले ही 10 मार्च को होगी, लेकिन समीकरणों पर चौपालों से नुक्कड़ों तक बहस तेज है। मतदान प्रतिशत, किसके मतों में बिखराव और कौन एकजुट हुआ, इसके कयास लगाए जा रहे हैं। आमजन के साथ सरकारी कर्मचारियों, दिव्यांगों और बुजुर्गों के मतों को भी अहम फैक्टर माना जा रहा है। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में डाक मतपत्रों ने ही मामूली अंतर वाली कई सीटों पर आखिरी वक्त में नतीजे ही बदल दिए थे। इस बार भी सबकी निगाह डाक मतपत्रों पर है।  



सहारनपुर के जेवी जैन डिग्री कॉलेज के राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर डॉ. प्रविंद्र मलिक का कहना है कि मेरठ-सहारनपुर मंडल की अधिकांश सीटों पर इस बार मुकाबला भाजपा और सपा-रालोद गठबंधन के बीच रहा। मतदाताओं ने प्रत्याशी के बजाए पार्टी को वोट किया। मतदाताओं के बीच चुनाव में स्थानीय मुद्दे गौण रहे। ऐसे में डाक मतपत्र भी बेहद अहम हैं। 

UP Chunav 2022: Postal ballot voting will play an important role in assembly election results
इसी बूथ केंद्र का है मामला। - फोटो : amar ujala

वीवी पीजी कॉलेज में राजनीति विज्ञान के प्रवक्ता प्रताप सरोहा का कहना है कि इस बार विधानसभा चुनाव 2022 में विकास समेत सभी मुद्दे गायब रहे हैं। जातिवाद और धार्मिक मुददा हावी रहा है। भाजपा को साइलेंट मतदान हुआ है। गठबंधन में ज्यादा शोरशराबा रहा है। ऐसे में मुकाबले करीबी हैं और डाक मतपत्र निश्चित तौर पर अहम भूमिका निभाएंगे। 

राजनीति शास्त्र के सहायक आचार्य डॉ. नीशू भाटी कहते हैं कि सरकारी कर्मचारियों के मत हमेशा ही चुनाव में अहम भूमिका निभाते हैं। इनके मतों को शुरुआत में आमतौर पर नजरअंदाज किया जाता है। इसीलिए कई बार मामूली हार-जीत के अंतर वाली सीटों पर मतगणना के दिन ही डाकमतों की वजह से परिणाम चौंकाने वाले आते हैं। 

UP Chunav 2022: Postal ballot voting will play an important role in assembly election results
वोट डालने के लिए लाइन लगीं महिलाएं। - फोटो : amar ujala

सहारनपुर में आए 9484 मतपत्र 
प्रशासन के रिकॉर्ड के अनुसार सहारनपुर जनपद में 9484 मतदाताओं ने डाक मतपत्रों का प्रयोग किया। इनमें 1180 वोटर 80 वर्ष की आयु से अधिक के बुजुर्ग, 185 दिव्यांग और 3976 सर्विस वोटर शामिल हैं। इसके साथ ही मतदान कार्मिकों ने भी डाक मतपत्रों से मतदान किया। इनमें 4143 मतदान कार्मिक शामिल हैं।

विधानसभा चुनाव में पड़े मतों का प्रतिशत
मत प्रतिशत- 2022
71.43
मत प्रतिशत- 2017
73.00
मत प्रतिशत-  2012
71.8

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UP Chunav 2022: Postal ballot voting will play an important role in assembly election results
वोट डालने के लिए लाइन लगीं महिलाएं। - फोटो : amar ujala

मेरठ में भी डाक मतपत्र रहेंगे बड़ा फैक्टर
 सिवालखास         :     2224
 सरधना               :     1916
 हस्तिनापुर           :     1879
 किठौर                :     1499 (दो विदेश में रहने वाले)
 कैंट                    :     1539 (नौ विदेश में रहने वाले)
 शहर                  :     315 (एक विदेश में रहने वाले)
 दक्षिण                :     544 (दो विदेश में रहने वाले)

कर्मचारियों ने किया मतदान का आंकड़ा
 कुल बैलेट          :     4250
 सिवालखास        :     409
 सरधना              :     453
 हस्तिनापुर          :     454
 किठौर              :     366
 कैंट                  :     1354
 शहर                :     437
 दक्षिण              :     777

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UP Chunav 2022: Postal ballot voting will play an important role in assembly election results
मतदान। - फोटो : amar ujala

दिव्यांग और बुजुर्ग घर से डालने वाले मतदाता - 1080
1. कुल दिव्यांग, बुजुर्ग मतदाता          कुल मतदाता    पड़े मत
                                        675     572 
 2. कुल सर्विस मतदाता            3650             1100    
2017 में मतदान:  67.12 प्रतिशत   2022 में मतदान:  70.17 प्रतिशत

1687 डाकमत प्राप्त हुए मुजफ्फरनगर में 
जिले की सभी छह विधानसभा सीटों पर सर्विस वोटर की संख्या 5693 हैं, इनमें 175 महिला हैं। इन वोटर्स में से अब तक 1687 के डाकमत आ चुके हैं। राज्य कर्मचारियों में से 4178 ने पोस्टल बैलेट का प्रयोग किया है। 80 साल से ऊपर के 32902 वोटर में से 412 ने पोस्टल बैलेट का प्रयोग किया है। 16832 दिव्यांग वोटर में से 208 ने पोस्टल बैलेट से वोट डाला है। 2017 की अपेक्षा इस बार मतदान कम रहा है। 2017 में 67.16 प्रतिशत वोट पड़े थे, इस बार 66.74 प्रतिशत वोट पड़े हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में यहां 68.31 प्रतिशत वोट पड़े थे। 

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