चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी में कॉपियों की अदला-बदली का खेल सामने आने के बाद से हर कोई अवाक है। सबसे ज्यादा दुखी वे छात्र-छात्राएं हैं, जो 14-15 घंटे पढ़ाई करने के बाद टॉप करते हैं।
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आरोपी गिरफ्तार
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व्हाट्स एप और फेसबुक में चिपके रहने की बजाय किताबों में खोए रहते हैं। इसके बाद जाकर सफलता मिलती है। मेडिकल कॉलेज, मेरठ कॉलेज, डीएन कॉलेज से लेकर एनएएस के छात्र और गर्ल्स कॉलेजों की तमाम छात्राएं इस स्कैंडल के सामने आने के बाद से आहत हैं। कॉलेजों के टॉपर्स से इसको लेकर बात की गई तो सभी ने एक ही जवाब दिया कि चुनिंदा मुन्ना भाइयों की वजह से हमको भी यही सुनना पड़ेगा कि अरे... आप तो सीसीएसयू से पासआउट हो, जहां पर कॉपियां तक बदल जाती हैं। ऐसे में इस सबको रोकने के लिए सरकार को कड़े कदम उठाने चाहिए। ताकि फिर कोई शिक्षा से ऐसा खिलवाड़ न कर सके।
सबकी छवि खराब कर दी
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मनीष राज सिंह
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सालाना लाखों छात्र-छात्राएं यूनिवर्सिटी के कॉलेजों से पासआउट होते हैं। इस प्रकरण ने सबकी छवि खराब कर दी। जबकि चुनिंदा ही ऐसी हेराफेरी करके पास होते हैं। इसमें यूनिवर्सिटी का दोष है। जिसके चलते लोग डिग्री पर सवाल उठाते हैं। -मनीष राज सिंह, गोल्ड मेडलिस्ट एमए डिफेंस स्टडीज, मेरठ कॉलेज
इससे बड़ा भ्रष्टाचार नहीं
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सना जैदी
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यहां कभी बच्चों को कॉपियां जांचते हुए पकड़ा गया था। लेकिन इससे बड़ा भ्रष्टाचार तो हो ही नहीं सकता। कुछ छात्रों और कर्मचारियों की वजह से यूनिवर्सिटी के लाखों छात्रों को नुकसान हुआ है। ऐसे मामलों में सख्ती हो। -सना जैदी, गोल्ड मेडलिस्ट एलएलएम, मेरठ कॉलेज
...ऐसे ही डिग्री बांट दें
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अंजू रानी
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गलती यूनिवर्सिटी के कर्मचारी कर रहे हैं और खामियाजा छात्र-छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है। अगर ऐसा ही होता है तो सारे कॉलेज बंद कर ऐसे ही डिग्री बांट दें। इतनी मेहनत करके छात्र कामयाबी हासिल करते हैं। ऐसा कुछ ही ने किया है लेकिन पूरी यूनिवर्सिटी का नाम बदनाम हो रहा। -अंजू रानी, गोल्ड मेडलिस्ट एमएससी सांख्यिकी, मेरठ कॉलेज