उत्तराखंड के कालसी-चकराता मार्ग मोटर मार्ग पर अनियंत्रित कार चामड़चील के पास 300 मीटर गहरी खाई में गिरने से मरने वालों में तीन दोस्त सहारनपुर के रहने वाले थे और दो मुजफ्फरनगर के रहने वाले थे। पांचों लोग बैंक की दो दिन की छुट्टियों के चलते घूमने के लिए चकराता गए थे। वहीं, तीनों दोस्तों के शव एक साथ सहारनपुर पहुंचे। शवों के पहुंचते ही कोहराम मच गया। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मोहल्ले में शोक छा गया। परिजनों को बिलखते देख मौजूद हर किसी की आंख नम हो गईं।
दो दिन छुट्टी मिली तो घूमने निकले थे तीनों दोस्त, पलक झपकते ही छिनी परिवारों की खुशियां
सहारनपुर के मोहल्ला अमरदीप कालोनी निवासी बसपा के नगर अध्यक्ष प्रताप सिंह के भाई वीरेंद्र (35 वर्ष) पुत्र रामकृष्ण देहरादून के आईडीएफसी बैंक में असिस्टेंट मैनेजर थे। बैंक की शनिवार और रविवार का अवकाश होने के कारण वीरेंद्र अपने दोस्त शिवालिक बैंक में काम करने वाले सहारनपुर के गोविंद विहार निवासी गौरव त्यागी (34 वर्ष) पुत्र जगपाल त्यागी तथा नानक विहार निवासी दीपक तोमर (34 वर्ष) पुत्र कालूराम और मुजफ्फरनगर निवासी सचिन और शक्ति के साथ शुक्रवार शाम को घूमने उत्तराखंड के चकराता के लिए निकले थे।
वीरेंद्र के भाई प्रताप सिंह ने बताया कि शुक्रवार रात को ही कालसी-चकराता मार्ग पर चामड़चील के पास पहुंचे तभी कार खाई में गिर गई। जिससे कार में सवार पांचों लोगों की मौत हो गई। रविवार सुबह वीरेंद्र, गौरव और दीपक के घर यह सूचना पहुंची तो कोहराम मच गया। तीनों के परिजन तुरंत ही मौके के लिए रवाना हो गए। दोपहर तक उनके शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। जिसके बाद तीनों के परिजन सहारनपुर के लिए रवाना हो गए।
अमरदीप कालोनी में शाम लगभग साढ़े पांच बजे जैसे ही वीरेंद्र का शव एंबुलेंस से उसके घर पहुंचा तो पूरा मोहल्ला एकत्रित हो गया। पत्नी रचना शव को देखते ही चीख पड़ी और बेसुध सी हो गई। भतीजी, भतीजे शव को देखते ही बिलख पड़े। भाई प्रताप सिंह भी अपने भाई के शव से लिपट कर रो पड़े। वहां मौजूद हर किसी की आंख नम हो गई। वीरेंद्र के भाई प्रताप ने बताया कि वीरेंद्र हाल में ही देहरादून स्थित आईडीएफसी में असिस्टेंट मैनेजर के रूप में नियुक्त हुआ था। वीरेंद्र का चार साल पूर्व ही विवाह हुआ था। उसका तीन साल का बेटा है।
यही हाल गोविंद विहार में डाक्टर जगपाल त्यागी के घर का था। जगपाल त्यागी के बेटे गौरव त्यागी की लगभग ढाई साल पहले ही शादी हुई थी। उसकी एक साल की बेटी है। गौरव के घर में शोक व्यक्त करने वालों का तांता लगा रहा। गौरव त्यागी अपने परिवार का इकलौता पुत्र था। उसकी एक बहन है, जिसकी शादी हो चुकी है। पिता डाक्टर जगपाल त्यागी एक ओर बैठे अपने बेटे के शव को देख रहे थे। उनकी आंखों से आंसू बह रहे थे।