मेरठ के एसएसपी नितिन तिवारी ने हैवानियत की शिकार होने वाली बेटियों को इंसाफ दिलाने की बात कहीं। उन्होंने बताया है कि बच्चियों का काल्पनिक नाम ‘दुर्गा और देवी’ दिया गया है। लिखापढ़ी में भी इन बच्चियों के नाम दुर्गा और देवी लिखा जाने का दावा किया है। मेरठ में इसी नाम से अभियान चलाया जाएगा। सीडब्ल्यूसी के तहत सारी कार्रवाई की जाएगी। आरोपियों को सजा दिलाने के लिए पुलिस हर प्रयास करेगी। छह बच्चियों से दरिंदगी होने की पुष्टि हुई है। इस मामले में एक पड़ोस की महिला और नौकरानी शामिल है। उनको भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
‘दुर्गा और देवी’ अभियान से मिलेगा बेटियों को इंसाफ, तीन साल से दरिंदगी कर रहा था ये हैवान
मीडिया के सामने पेश किया हैवान
एसएसपी नितिन तिवारी, एसपी सिटी डॉ. अखिलेश नारायण सिंह व चाइल्ड लाइन मेरठ की निदेशिका अनिता राणा ने पुलिस लाइन में गुरुवार रात 10 बजे प्रेसवार्ता की। जिसमें जागृति विहार में बीमा कंपनी से रिटायर्ड अधिकारी विमल चंद का घिनौना कारनामा मीडिया के सामने उजागर किया।
एसएसपी ने बताया है कि बुधवार रात दो बजे उनके पास कॉल आई व आरोपी की करतूत बताई गई। क्राइम ब्रांच प्रभारी वरुण शर्मा के नेतृत्व में टीम बनी और जागृति विहार भेजी गई। गुरुवार सुबह आठ बजे आरोपी विमल को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी विमल अपनी नौकरानी के जरिये बालिग व नाबालिग बच्चियों को बुलाकर दरिंदगी करता था। यह बात आरोपी ने कबूल की। उसके बाद हैवानियत की शिकार हुई बच्चियों को ढूंढा गया। जिसमें तीन बच्चियां पुलिस को मिलीं। बच्चियों ने आरोपी की करतूत बताई। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी पुलिस ने जुटा ली।
तीन साल से कर रहा था दरिंदगी
पुलिस ने बताया कि नवंबर 2018 से अप्रैल 2019 तक की सीसीटीवी कैमरे की फुटेज पुलिस को मिली है। जिससे साफ जाहिर हो गया कि छह महीने से आरोपी बच्चियों से दरिंदगी करता और उसको कैमरे में कैद करता था। इससे पहले उसने कैमरे नहीं लगाए थे। पुलिस का कहना है कि आरोपी विमल चंद करीब तीन साल से यह दरिंदगी करता था।
डीएम ने बैठायी जांच, होगी कड़ी कार्रवाई
जागृति विहार में बच्चियों के साथ दरिंदगी करने के मामले में जांच बैठा दी गई है। जिलाधिकारी अनिल ढींगरा ने बताया कि अमर उजाला में समाचार पढ़ने के बाद उन्होंने अपर जिलाधिकारी नगर और जिला प्रोबेशन अधिकारी से इस मामले में वार्ता की।