मेरा कर्म तू ही जाने क्या बुरा है क्या भला, तेरे रास्ते पर मैं तो आंख मूंद के चला, जय हो जय हो शंकरा, आदिदेव शंकरा आदि भजनों के साथ शिवालयों में शिव भक्तों ने शंकर शिव कैलाश पति को बारंबार नमन किया। द्वादशी का जलाभिषेक मंदिरों में सुबह से ही आरंभ हो गया। इस बीच हरिद्वार और गढ़मुक्तेश्वर से कावड़ लेकर पहुंचे 30 से 40 कावड़ियों ने जल चढ़ाया।
मेरठ में बाबा औघड़नाथ मंदिर में शिवरात्रि के पावन अवसर पर आज शिव भक्तों ने जलाभिषेक किया। मंदिर में सुबह तीन बजे से ही पूजा अर्चना शुरू हो गई। भक्त रात दो बजे ही मंदिर में पहुंचने लगे थे। बताया गया कि आज मंदिर पूरी रात खुलेगा और चार पहर की विशेष पूजा का आयोजन किया जाएगा।
शिवरात्रि के पावन अवसर पर बाबा औघड़नाथ मंदिर सहित शहर के सभी मंदिरों को भव्य ढंग से सजाया गया है। मंदिरों में जलाभिषेक आरंभ हो गया। सुबह बड़ी संख्या में भक्त आरती और पूजा में शामिल हुए।
2 of 6
मंदिर में लगी भक्तों की लाइन।
- फोटो : amar ujala
शिवरात्रि के मद्देनजर पहली बार मंदिर समिति के द्वारा जलाभिषेक के लिए फ्री गंगाजल की व्यवस्था की गई। मंदिर के मुख्य द्वार पर गंगाजल के विशाल ड्राम रखवाए गए हैं। साथ ही लोटे भी उसी स्थान पर रखे गए हैं।
3 of 6
जलाभिषेक करते भक्त।
- फोटो : amar ujala
नैंसी चौराहा से मंदिर तक सुबह से ही भक्तों की लाइन लगी है। गर्भ गृह के साथ मुख्य द्वार तक मंदिर को देशी-विदेशी फूलों से सजाया गया है। साथ ही लाइटों की भी सजावट की गई। फूल बंगला सभी के लिए आकर्षण का केंद्र है।
4 of 6
मंदिर में लगी भक्तों की लाइन।
- फोटो : amar ujala
मंदिर समिति अध्यक्ष डॉक्टर महेश बंसल और महामंत्री सतीश सिंघल ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से 44 सीसीटीवी कैमरे मंदिर के अंदर और बाहर लगाए गए हैं। प्रथम तल पर सीसीटीवी सेंटर बनाया गया है।
5 of 6
औघड़नाथ मंदिर में लगी भक्तों की लाइन।
- फोटो : amar ujala
बताया गया कि 140 सेवादार मंदिर में व्यवस्था संभाल रहे हैं। प्रशासनिक कैंप के साथ अन्य कैंप भी लगाए गए हैं। मंदिर में आने वाले भक्तों से शारीरिक दूरी और अनिवार्य रूप से मास्क लगाने का आग्रह किया जा रहा है।