सहारनपुर मस्जिद प्रकरण: हाईकोर्ट में सुनवाई आज, जुमे की नमाज को लेकर अलर्ट, मेरठ में ड्रोन से निगरानी
सहारनपुर कलक्ट्रेट मस्जिद प्रकरण पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में आज सुनवाई होगी। जुमे की नमाज को लेकर मेरठ, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर में पुलिस अलर्ट, संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई।
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सहारनपुर कलक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद के ध्वस्तीकरण प्रकरण को लेकर इलाहबाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 12 अक्तूबर को होगी। मस्जिद कमेटी की ओर से दाखिल रिट इलाहाबाद हाईकोर्ट की कोर्ट नंबर-नौ में 35वें नंबर पर सूचीबद्ध है। सुनवाई पर जहां सभी की निगाहें टिकी हैं, वहीं जुमे की नमाज को लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और मेरठ में संवेदनशील व अति संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
सहारनपुर में 1500 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात
पांच सितंबर को सहारनपुर कलक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के बाद से पुलिस-प्रशासन अलर्ट है। जुमे की नमाज को देखते हुए जिले में 1500 से अधिक पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई है।
बृहस्पतिवार को डीआईजी अभिषेक सिंह ने तीनों जनपदों के अधिकारियों और प्रभारियों के साथ ऑनलाइन गोष्ठी कर कानून-व्यवस्था की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को लगातार क्षेत्र भ्रमण करने और संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए।
डीआईजी ने कहा कि नमाज के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो, इसके लिए स्थानीय स्तर पर सभी जरूरी सुरक्षा इंतजाम पहले से पूरे कर लिए जाएं। असामाजिक और अराजक तत्वों पर विशेष नजर रखी जाए।
सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट की निगरानी
सहारनपुर पुलिस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी लगातार निगरानी रखेगी। भ्रामक, भड़काऊ या आपत्तिजनक पोस्ट सामने आने पर तत्काल संज्ञान लेकर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
मुजफ्फरनगर में नौ जोन, चार सुपर जोन और 22 सेक्टर
सहारनपुर में मस्जिद ध्वस्तीकरण और मुजफ्फरनगर में विवादित पोस्टर लगाए जाने की घटनाओं के बाद मुजफ्फरनगर पुलिस भी अलर्ट मोड पर है। जुमे की नमाज के दौरान सुरक्षा के लिए जिले को नौ जोन, चार सुपर जोन और 22 सेक्टर में बांटा गया है। 17 क्यूआरटी भी तैनात की गई हैं।
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने पुलिस अधिकारियों की बैठक लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। सभी पुलिस अधिकारी सुबह से अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण करेंगे। शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए धर्मगुरुओं से वार्ता कर सहयोग की अपील की गई है।
पुलिसकर्मियों को भी ब्रीफ करने के निर्देश
एसएसपी ने थाना प्रभारियों को निर्देश दिए कि कानून-व्यवस्था से जुड़े सभी जरूरी निर्देश थानों में तैनात पुलिसकर्मियों तक पहुंचाए जाएं। विशेष रूप से नए पुलिसकर्मियों और रात में पिकेट ड्यूटी करने वाले जवानों को संवेदनशील परिस्थितियों तथा उनके प्रभाव के बारे में स्पष्ट रूप से ब्रीफ करने को कहा गया है।
मेरठ में संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल
सहारनपुर मस्जिद प्रकरण के बाद मेरठ पुलिस भी शुक्रवार की जुमे की नमाज को लेकर पूरी तरह अलर्ट रही। शहर के संवेदनशील और अति संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। प्रमुख मस्जिदों के आसपास पुलिस और पीएसी के जवान लगाए गए।
एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति के अनुसार, सहारनपुर की घटना के बाद किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ाई गई। मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों और पूर्व में विवाद की स्थिति वाले स्थानों पर विशेष निगरानी रखी गई।
ड्रोन से निगरानी, गलियों और छतों पर भी नजर
मेरठ में सुरक्षा व्यवस्था के तहत ड्रोन के जरिये भी निगरानी की गई। छतों और गलियों पर नजर रखी गई। जुमे की नमाज से पहले पुलिसकर्मियों ने संवेदनशील क्षेत्रों में पैदल गश्त की। बाजारों और प्रमुख चौराहों पर भी पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई गई। पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय पुलिसकर्मियों को छोटी से छोटी सूचना को भी गंभीरता से लेने और तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
सोशल मीडिया पर भी नजर
मेरठ पुलिस सोशल मीडिया पर भी नजर रख रही है। अधिकारियों ने कहा कि भड़काऊ पोस्ट या अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की ओर से लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की गई है।
एसएसपी ने कहा कि शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त बल तैनात किया गया है।