रमजान के महीने में खजूर की मांग बढ़ जाती है, क्योंकि खजूर से रोजा इफ्तार सुन्नत माना जाता है। लॉकडाउन के समय में खजूर के दाम आसमान छू रहे हैं। जिसके कारण मंडी के थोक विक्रेताओं ने खजूर मंगाना बंद कर दिया है। स्टॉक में रखी किस्मों का खजूर ही रोजेदारों तक पहुंचाने की कोशिश है।
लाॅकडाउन के बीच रमजान: कोरोना ने फीका किया फैनी का स्वाद, खजूर के दाम भी छू रहे आसमान
स्टॉक खत्म होने के बाद नहीं बेचेंगे खजूर
इस्लामाबाद के दुकानदार फजरुद्दीन ने बताया कि रमजान में खजूर बेचने के लिए लाए हैं। हर बार रमजान में खजूर बेचते हैं। लेकिन इस बार खजूर से काम नहीं चलेगा। क्योंकि मंडी से माल मिला ही नहीं। दो ही किस्म के खजूर बेचने पड़ रहे हैं, जबकि स्टॉक भी कम है। ऐसे में दो या तीन दिन खजूर बेचकर काम बदल देंगे।
खजूर न मिलने पर फल से इफ्तार करें
विकासपुरी मस्जिद के इमाम मुफ्ती वाजिद अली ने बताया कि खजूर से रोजा इफ्तार करना सुन्नत है। लेकिन लॉकडाउन के समय में खजूर महंगे होते हैं या बाजार से गायब हो जाते हैं ऐसे में किसी अन्य फल से रोजा इफ्तार किया जा सकता है। फल नहीं मिले तो पानी पीकर भी रोजा इफ्तार किया जा सकता है।
लॉकडाउन के नियमों का पालन रोजेदारों को देगा ताकत
लॉकडाउन का समय रोजेदारों के लिए बेहतर और इबादत करने वाला है। नायब शहरकाजी जैनुर राशिद्दीन ने बताया कि पिछले करीब एक महीने से लॉकडाउन जारी है। जिसमें लोगों को समय पास करने में परेशानी हो रही थी। लेकिन आज से रमजान महीने की शुरुआत होने के साथ अब रोजेदार इसका सदुपयोग कर पाएंगे। क्योंकि रोजा 15 घंटे से ज्यादा का होगा। जिस कारण रोजेदारों को बाहर निकलने में परेशानी होती।
पहले रोजे के बाद प्रतिदिन गर्मी बढ़ेगी। रोजेदारों के लिए गर्मी में रोजा रखकर बाहर निकलना मुश्किल भरा होता है। जिसमें लॉकडाउन के चलते लोगों को घरों में रहकर इबादत और नमाज पढ़ने का भरपूर मौका मिलेगा। 3 मई तक लॉकडाउन बढ़ाया गया है। रोजेदारों को सकारात्मक रवैया अपनाते हुए लॉकडाउन के नियमों का पालन करना है। घर पर रहकर कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़नी है।
रमजान में फैनी की मांग भी बढ़ जाती है लेकिन कोरोना ने फैनी का स्वाद भी फीका कर दिया है। लाॅकडाउन के चलते दुकानों पर फैनी पिछले रमजान की अपेक्षा कम ही नजर आई। हालांकि रोजेदारों ने रमजान के कई दिन पहले से ही फैनी खरीदनी शुरू कर दी थी।