मुजफ्फरनगर किसान मसीहा चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत के बाद पहली बार भाकियू की राजधानी सिसौली ने भाकियू सुप्रीमो नरेश टिकैत के नेतृत्व में शक्ति प्रदर्शन किया है। राकेश टिकैत के रोने का वीडियो वायरल होने के बाद गुरुवार की रात में सिसौली में किसानों की भीड़ जुट गई। खुफिया एजेंसियों के माध्यम से लखनऊ पहुंची सूचना के बाद गाजियाबाद पुलिस को बैकफुट पर आना पड़ा। भाकियू एक बार फिर पूरे किसान आंदोलन की सिरमौर बन गई है।
कृषि कानूनों पर तकरार, राकेश टिकैत के आंसुओं से भाकियू को मिली धार, सरकारी मशीनरी में खलबली
देश में किसानों की लड़ाई लड़ने वाली भारतीय किसान यूनियन पर किसानों ने एक बार फिर अपना भरोसा जताया है। स्वर्गीय चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत के बाद पहली बार ऐसा हुआ कि किसान एकतरफा उनके बेटों भाकियू सुप्रीमो नरेश टिकैत और राकेश टिकैत के साथ खड़ा दिखाई दिया। नरेश टिकैत की एक हुंकार पर राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान में किसानों का सैलाब उमड़ पड़ा।
खुफिया एजेंसियों के माध्यम से सूचना लखनऊ में योगी सरकार तक पहुंची तो गाजियाबाद पुलिस को पीछे कदम खींचना पड़ा। लोगों में भाकियू के प्रति इतना स्नेह दिखाई दिया कि गाजीपुर बार्डर की घटना को अपने मान-सम्मान से जोड़ लिया। सिसौली में महापंचायत के दिन बाजार तक बंद रहे।
इस घटना से देश की किसान राजनीति के परिदृश्य में भाकियू एक बार फिर सिरमौर होकर सामने आई है। देश में चल रहे किसान आंदोलन को अब भाकियू ही लीड करती दिखाई दे रही है।
पूड़ी-सब्जी, खिचड़ी और मट्ठा ले जा रहे साथ
गाजीपुर बॉर्डर पर धरना दे रहे किसानों के मना करने के बाद भी जिले से जाने वाले किसानों में कोई पूड़ी-सब्जी बनवाकर ले जा रहा है तो कोई आलू-मटर की खिचड़ी और मट्ठा लेकर जा रहा है। शनिवार को कई किसान अपने साथ राकेश टिकैत के लिए पानी भी लेकर गए।