मेरठ में कला का सहारा लेकर अश्लील नाटकों का मंचन, महिलाओं की अर्द्धनग्न तस्वीरों का चित्रण करना एक मानसिक विकृति है। कला के नाम पर समाज में अश्लीलता फैलाने वाले ऐसे कलाकारों और आयोजकों पर बैन लगना चाहिए। उन पर कार्रवाई भी होनी चाहिए। ऐसे लोग कम समय में खुद को मशहूर करने के लिए कला का गलत प्रयोग करते हैं। सेंट थॉमस स्कूल में कला के प्रचार प्रसार के नाम पर हुए अश्लील नाटक के मंचन पर छात्राओं ने विचार रखे। शुक्रवार को अमर उजाला की ओर से इस्माइल डिग्री कॉलेज में कैम्पस अड्डा हुआ। छात्राओं ने कहा ऐसे नाटकों का मंचन कला का उत्थान नहीं पतन है।
Photos : अश्लीलता फैलाने वाले कलाकारों पर लगे बैन
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
Updated Sat, 04 Nov 2017 04:57 PM IST
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संस्कृति का गलत प्रयोग
अश्लीलता परोसना अपराध
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