बिजनौर में कोर्ट में शाहनवाज की हत्या के मामले में गिरफ्तार शूटर सुमित के बारे में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। वहीं मुजफ्फरनगर में भी इसी तरह कुख्यात विक्की त्यागी की हत्या कर दी गई थी। पुलिस विक्की की हत्या के मामले में गिरफ्तार सागर मलिक से भी सुमित के कनेक्शन तलाश करने मे जुटी है: -
कोर्ट में मर्डर: शार्प शूटर सुमित के बारे में हुए कई चौंकाने वाले खुलासे, कनेक्शन खंगाल रही खाकी
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शामली जिले के गांव लिलौन निवासी सुमित शातिर शूटर है। शाहनवाज की हत्या में सुमित को पकड़ा गया है। पुलिस की पूछताछ में सुमित ने कई वारदातों के बारे में बताया, जिनमें एक वारदात बहावड़ी गांव के बिजेंद्र की हत्या की बताई है। बहावड़ी गांव के सागर मलिक पक्ष की बिजेंद्र पक्ष से अदावत बताई जाती है।
चार साल पूर्व मुजफ्फरनगर स्थित कोर्ट में विक्की त्यागी की हत्या के मामले में सागर मलिक गिरफ्तार हुआ था। ठीक उसी अंदाज में बिजनौर में वारदात हुई है। अब पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि शाहनवाज हत्याकांड में पकड़े गए सुमित का सागर मलिक से क्या कनेक्शन रहा है। यह भी पता किया जा रहा है कि सुमित ने हत्या की सुपारी ली, या फिर किसी बड़े बदमाश के इशारे पर वह हत्या की वारदात को अंजाम देने में शामिल हुआ।
सुमित पर शामली में दर्ज हैं दो मुकदमे
शामली। बिजनौर की कोर्ट में शाहनवाज की हत्या करने के आरोप में पकड़े गए बदमाशों में शामिल सुमित निवासी लिलौन पर शहर कोतवाली में हत्या और जानलेवा हमला करने के आरोप में दो मुकदमे दर्ज हैं।
मगलवार को बिजनौर की कोर्ट परिसर में हुई वारदात में लिलौन गांव निवासी सुमित पुत्र जयपाल को पकड़ा गया है। कोतवाल सुभाष सिंह राठौर ने बताया कि सुमित 2009 में दर्ज दो मुकदमों में नामजद हुआ था। पहला मुकदमा 14 अक्तूबर 2009 को जगपाल सिंह निवासी गांव बलवा की तरफ से दर्ज कराया गया था।
दो लोगों की हत्या की फैली सूचना
कोर्ट परिसर में जब वारदात हुई, तो यह चर्चा फैल गई कि दो लोगों की हत्या कर दी गई है। बाद में अफसरों ने पुष्टि कर बताया कि शाहनवाज की हत्या हुई है, जबकि उसका साथी जब्बार फरार हुआ है। काफी देर तक अफरा तफरी का माहौल बना रहा। हर तरफ पुलिस ही दिखाई दे रही थी। घंटों बाद तीनों आरोपियों को वहां से निकालकर थाने भेजा गया।
दिल्ली पुलिस के छह जवान लाए थे पेशी पर
दिल्ली की तिहाड़ जेल से शाहनवाज व जब्बार को एएसआई हेतुराम के नेतृत्व में पेशी पर लाए गए थे। छह पुलिसकर्मियों की गारद उन्हें लेकर आई थी। दिल्ली पुलिस ने ही उन्हें कोर्ट में पेश किया था। दिल्ली पुलिस की कस्टडी से ही जब्बार फरार हुआ है। जब्बार के फरार होने से दिल्ली पुलिस परेशान रही। पुलिस ने जजी व आसपास जब्बार की काफी तलाश की पर उसका कोई पता नहीं चला।