बिजनौर के जजी में सीजेएम अदालत में बसपा नेता और प्रॉपर्टी डीलर हाजी अहसान की हत्या के आरोपी शाहनवाज और जब्बार को पेशी पर लाया गया था। आरोपियों की कोर्ट में पेशी चल रही थी कि अचानक कोर्ट अंधाधुंध गोलियों से दहल उठा। हर तरफ अफरा-तफरी मच गई।
कोर्ट में दिनदहाड़े मर्डर: बसपा नेता के हत्यारोपी शाहनवाज को गोलियों से भूना, आरोपी गिरफ्तार
इसी साल 28 मई को प्रॉपर्टी डीलर हाजी अहसान व उनके भांजे शादाब की नजीबाबाद में शॉपिंग कांप्लेक्स के कार्यालय में गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों शाहनवाज, दानिश व जब्बार पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया गया था। इनमें दानिश को मुंबई और जब्बार व शाहनवाज को दिल्ली से दबोचा गया था।
मंगलवार को शाहनवाज और जब्बार की जजी में सीजेएम कोर्ट में पेशी थी। पुलिस इन्हें लेकर यहां पहुंची थी। कोर्ट में पहले से मौजूद शार्प शूटरों ने पेशी के दौरान ही दोनों आरोपियों पर हमला बोल दिया। इस दौरान कोर्ट परिसर गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा। यहां तक कि जज को भी भागकर अपनी जान बचानी पड़ी। उधर वकीलों और पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया।
मौके पर मुस्तैदी दिखाते हुए वकीलों और पुलिसकर्मियों ने हमलावरों को कोर्ट परिसर में ही घेरकर दबोच लिया और एक कमरे में बंद कर दिया। वहीं इसी बीच पेशी पर आए शाहनवाज की मौत हो गई जबकि आरोपी जब्बार मौका पाकर फरार हो गया। इस हमले में पुलिसकर्मी मनीष व उसके साथी को भी गोली लगी है।
एसएसपी बिजनौर के अनुसार कोर्ट के भीतर इस सनसनीखेज हमले को अंजाम देने वाला मृतक बसपा नेता और प्रॉपर्टी डीलर हाजी अहसान का बेटा और उसके दो साथी हैं जिन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं पुलिस ने मृतक आरोपी शाहनवाज के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
ऐसे बनाया गया था बसपा नेता की हत्या का प्लान
शूटर दानिश ने पुलिस को बताया कि एक दिन वह शाहनवाज के घर गया था। घर पर उसकी पत्नी व भाई शाह आलम भी था। तभी जब्बार, मुकीम और इकरार भी वहां आ गए। शाहनवाज ने कहा कि जिस तरह उन्होंने इमरान की हत्या करने के बाद उसकी मुर्गी फार्म की जमीन पर कब्जा कर लिया है साथ ही प्रॉपर्टी डीलर आसिफ व खुर्शीद के जमीन प्लॉट काटकर बेचे हैं और काफी पैसे कमाए हैं। इसी तरह अगर वे भी अहसान की हत्या कर दें तो उसका वर्चस्व और बढ़ेगा। नजीबाबाद की जितनी विवादित जमीन होंगी वह उन्हें सस्ते दामों पर मिल जाएगी।
उनका इरादा था कि रंगदारी से वे काफी रुपया इकट्ठा कर लेंगे। इससे उनकी पैसे की जरूरत पूरी हो जाएगी। शाहनवाज विधायक का चुनाव लड़ने की योजना बना रहा था। लेकिन हाजी अहसान उनके कई मामलों में अड़ंगा बना रहा था। एक जमीन के मामले में उन्होंने हाजी अहसान से अलग हटने को कहा था लेकिन वह नहीं माना। इससे आसिफ को काफी नुकसान हुआ था। तब शाहनवाज ने आसिफ व खुर्शीद से हाजी अहसान की हत्या की बात कही थी।
ऐसे की थी मामा-भांजे की हत्या
शूटर दानिश ने बताया कि उसे और जब्बार को हाजी अहसान पर गोली चलाने को कहा गया। उनके सपोर्ट के लिए शाहआलम, इकरार, उब्बनवाला निवासी दानिश व शाहनवाज आसपास वाहन लेकर खड़े रहेंगे। घटना को अंजाम देने के लिए दो मोबाइल खरीदकर उनमें नए सिम डाले गए। हाजी अहसान की हत्या के बाद उनका साथी दानिश उन्हें अपाचे बाइक से कोटद्वार ले गया।
शाहनवाज ने दानिश को पहले ही पत्नी के उपचार के लिए पांच लाख रुपये दे रखे थे। इसके अलावा परिवार के रहन सहन का खर्च भी शाहनवाज ही उठा रहा था। दानिश का भी मकान बनाने व उसके मुकदमों में पैसा लगाने की बात कही थी। हाजी अहसान की हत्या को अंजाम देने के बाद शाहनवाज ने जब्बार को भी 50 हजार रुपये दिए थे।