मेरठ में प्रोफेसर राजवीर सिंह की हत्या कराने की खौफनाक साजिश महिला प्रोफेसर आरती और उसके बिल्डर दोस्त अनिल ने तैयार की थी। जिस वक्त भाड़े के शूटर डीन पर विश्वविद्यालय के पास गोलियां बरसा रहे थे, तब प्रोफेसर आरती अपने बिल्डर दोस्त अनिल के साथ शॉप्रिक्स मॉल में शॉपिंग कर रही थी। ये भी प्लानिंग का हिस्सा था, ताकि पुलिस को उन पर शक न हो।
खौफनाक कहानी: प्रेमी बिल्डर ने कहा था... तुम्हारी गोली न चले तो मेरी पिस्टल से चला देना, ऐसे खुला महिला प्रोफेसर का राज
इसके बाद 11 अप्रैल को शाम करीब 5:30 बजे हमले की साजिश रची। वारदात से पहले बिल्डर अनिल ने प्रोफेसर आरती को व्हाट्सएप कॉल करके अपने पास बुला लिया था। करीब 3:30 बजे अनिल और आरती शॉपिंग करने के बहाने फ्लैट से निकल गए। ये दोनों की योजना का हिस्सा था ताकि उन पर किसी को शक न हो। शॉप्रिक्स मॉल में घूमने के बाद आरती और अनिल सदर बाजार में पहुंचे और फिर करीब 8:30 बजे फ्लैट पर लौटे। दोनों ने तय किया था कि अब वह न तो कॉल करेंगे और न ही मिलेंगे।
तुम्हारी गोली न चले तो मेरी पिस्टल से चला देना
बिल्डर अनिल ने शूटरों को पांच लाख रुपये की सुपारी दी। इसमें से चार लाख रुपये एडवांस दिए गए। सुपारी देते समय बिल्डर अनिल ने अपनी लाइसेंस पिस्टल शूटर आशु को देते हुए कहा था कि अगर किसी वजह से तुम्हारी पिस्टल नहीं चले तो मेरी पिस्टल से गोली चला देना। अच्छी पिस्टल है और इसकी मार भी लंबी है। अनिल ने नौ मैग्जीन, 63 कारतूस भी आशु को दिए। आशु ने बताया कि उसने डीन पर 12 गोलियां चलाईं और उसके दोस्त नदीम ने आठ गोलियां चलाई थी। पुलिस ने अनिल की पिस्टल भी बरामद की है।
बिल्डर की बेटी को विवि में नौकरी का दिया था लालच
पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान आरोपी अनिल ने बताया कि आरती से उसके प्रेम संबंध है। इसकी जानकारी लगने पर उसकी पत्नी 2019 में उसे छोड़कर सिसौली गांव चली गई थी। बड़ा बेटा बेंगलुरु में नौकरी करता है और छोटा बेटा देहरादून में पढ़ाई कर रहा है। बेटी कृषि विश्वविद्यालय में पढ़ रही है। महिला प्रोफेसर आरती कहती थी कि डीन बनने के बाद वह उसकी बेटी की विश्वविद्यालय में ही नौकरी लगवा देगी। इसी लालच में उसने आरती के साथ मिलकर ये साजिश रची।
विश्वविद्यालय से 22 मार्च तक अवकाश पर है प्रोफेसर भटेले
सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के डीन प्रोफेसर राजबीर सिंह पर जानलेवा हमले में वेटरनरी कॉलेज की प्रोफेसर आरती भटेले का नाम आने के बाद विश्वविद्यालय में सब हैरत में हैं। विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड के अनुसार आरती भटेले 22 मार्च तक अवकाश पर है।