मेरठ में नकली करेंसी के साथ पकड़े गए सुनील से पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि सुनील के साथ एक अन्य युवक भी नकली नोट छाप रहा था। सुनील ने बताया कि चार माह पहले उसने नोएडा में किराए पर कमरा लिया था। इससे पहले दोनों ने एक लूट की घटना को भी अंजाम दिया था। 10वीं फेल सुनील ने अपने साथी के साथ मिलकर नोएडा में पहले साइबर कैफे शुरू किया था। बाद में दोनों ने मिलकर नकली नोट छापने का काम शुरू कर दिया।
यूपी: 10वीं फेल सुनील नोएडा में छाप रहा था नकली नोट, ये थी बड़ी साजिश
टीपी नगर पुलिस को सुनील ने बताया है कि दोनों अभी तक करीब छह लाख के नकली नोट छाप चुके हैं। इन नोटों को बुलंदशहर और हापुड़ में कुछ अन्य लोगों को 10 हजार और पांच हजार नकली करेंसी देकर उनसे असली पैसे लिए गए हैं। पकड़े गए आरोपी से एलआईयू व इंटेलिजेंस की टीम ने भी पूछताछ की है। एसओ विजय गुप्ता ने बताया कि नकली नोट छापने वालों का उद्देश्य अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाना था।
जून में खरखौदा में पकड़े गए थे नकली नोट
28 जून, 2020 को खरखौदा पुलिस ने दो लाख साठ हजार के नकली नोट बरामद कर तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। दो साल पहले भावनपुर व मोदीपुरम में एक लाख के नकली नोट बरामद किए गए थे।
ये हुई बरामदगी
- 100-100 के 934 जाली नोट
- 200-200 के 249 जाली नोट
- 500-500 के 108 जाली नोट
- 27900 के अर्द्धनिर्मित जाली मुद्रा
- 50000 असली करेंसी, 500-500 के 62 नोट व 200-200 के 12 नोट व 100-100 के 166 नोट
त्योहार पर थी खपाने की तैयारी
त्योहार के दिनों में ज्यादा खरीदारी के दौरान लोग असली-नकली नोट देखने में ध्यान नहीं देते। सुनील और उसका साथी इसका फायदा उठाना चाहते थे। उनकी मंशा यह भी थी कि अगर कहीं कोई मामला सामने भी आ जाए तो इसे चलाने वाले भीड़ का लाभ उठाकर पकड़े जाने से बच सकते हैं।
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