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UP: मेरठ विस्फोट को लेकर उठ रहा बड़ा सवाल, सबूत मिले तो नजरअंदाज क्यों?, पांच मजदूरों की हुई थी दर्दनाक मौत

Fri, 20 Oct 2023 01:05 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Fri, 20 Oct 2023 01:05 PM IST
सार

Meerut Blast Case : मेरठ में हुए विस्फोट के मामले में बड़ा सवाल यह उठ रहा कि मौका-ए-वारदात पर सबूत मिले हैं। इसके बावजूद भी पुलिस अफसर नजरअंदाज क्यों कर रहे हैं? इस हादसे में पांच मजदूरों की मौत हुई थी।

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Meerut blast case: Officials are ignoring evidence found in case of death of five laborers
मेरठ में विस्फोट - फोटो : Amar Ujala

मेरठ के लोहियानगर में धमाके वाली बिल्डिंग के मलबे में एनडीआरएफ की टीम को भारी मात्रा में स्काई बम और खिलौना रिवॉल्वर के शॉट मिले। टीम ने साफ कहा कि यहां पर पटाखों का काम चल रहा था लेकिन एफआईआर में कुछ दर्ज नहीं किया गया। 



वहीं, रात के अंधेरे में पुलिस ने जेसीबी से गड्ढा खुदवाकर पानी डालते हुए इन पटाखों को मिट्टी में दबा दिया। इसका वीडियो भी सबूत के तौर पर है। इसके बावजूद भी इन सबको सबूत का हिस्सा नहीं बनाया गया। 

Meerut blast case: Officials are ignoring evidence found in case of death of five laborers

उधर, मृतकों के परिजन मोर्चरी पर बेबाकी से कहते रहे कि मजदूरों से जबरन पटाखों का काम कराया जा रहा था। इतने सारे सबूत होने के बाद भी अधिकारी अभी तक खामोश हैं। जांच चल रही है पर कार्रवाई से हाथ खींचा जा रहा है।

Meerut blast case: Officials are ignoring evidence found in case of death of five laborers

पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी कर रही सच बयां
बिल्डिंग में धमाके के बाद आग नहीं लगी। एक कागज तक नहीं जला। लेकिन पांचों मजदूर बुरी तरह से झुलस गए। फॉरेंसिक एक्सपर्ट के मुताबिक, ऐसा सिर्फ बारूद के धमाके से ही हो सकता है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी इसकी सच्चाई बयां कर रही है। 

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Meerut blast case: Officials are ignoring evidence found in case of death of five laborers

सीएमओ अखिलेश मोहन ने बताया कि पांचों मृतकों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पुलिस अधिकारियों को भेज दी गई है। दो की मौत का कारण जलना आया है। तीन की मौत जलने और चोट लगने की वजह से हुई है।

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ये है घटना
लोहियानगर के रिहायशी इलाके में शास्त्रीनगर सेक्टर चार निवासी संजय गुप्ता की दो मंजिला बिल्डिंग की पहली मंजिल शास्त्रीनगर सेक्टर तीन निवासी आलोक रस्तोगी और उदयराज ने किराए पर ले रखी थी। दूसरी मंजिल जागृति विहार सेक्टर सात निवासी गौरव गुप्ता को दी हुई थी। पहली मंजिल पर आलोक रस्तोगी ने साबुन का गोदाम बनाया हुआ था। उदयराज ने प्रिटिंग मशीन की मरम्मत का काम किया हुआ था। 

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