एससी-एसटी एक्ट में बदलाव होने पर भारत बंद के समर्थन में सोमवार को उपद्रवियों ने मेरठ में जमकर बवाल काटा। कंकरखेड़ा बाईपास, कचहरी और शहर के कई हिस्सों में पेट्रोल पंप और दुकानों समेत 500 से ज्यादा वाहनों में तोड़फोड़ कर दी गई। पुलिस चौकी, जीप और कई बसें फूंक दी गईं। उपद्रवियों द्वारा की गई फायरिंग से दो लोग घायल हो गए।
मेरठ बवाल की Live तस्वीरें, 500 वाहनों में तोड़फोड़, दर्जनों बसों को फूंका
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वहीं पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की। करीब पांच घंटे पूरे जिले में अराजकता का माहौल रहा। दंगे जैसे हालात बनने पर पुलिस फोर्स, आरएएफ और पीएसी ने मोर्चा संभाला। पूर्व विधायक बसपा नेता योगेश वर्मा समेत 50 से ज्यादा लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
सोमवार सुबह आठ बजते ही शहर और देहात में दलितों की भीड़ उमड़ने लगी। दलितों ने अपने-अपने इलाकों की दुकानें जबरन बंद करा दीं। करीब दस बजे दलितों की भीड़ शहर की तरफ आना शुरू हो गई। कंकरखेड़ा बाईपास पर दलितों को रोकने का प्रयास किया तो वह उग्र होने लगे।
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उपद्रवियों ने कंकरखेड़ा थाने की शोभापुर पुलिस चौकी फूंकने के बाद पथराव और फायरिंग शुरू कर दी। एसपी सिटी, एसपी क्राइम और एसपी ट्रैफिक फोर्स लेकर पहुंचे। लेकिन अराजक तत्वों द्वारा वाहनों में तोड़फोड़ और पथराव किया जाता रहा।
कचहरी में की उपद्रवियों ने फायरिंग, तोड़फोड़
पुलिस फोर्स ने कंकरखेड़ा बाईपास पर बवाल को कंट्रोल करना शुरू किया तो दलितों की भीड़ कचहरी स्थित अंबेडकर चौराहे पर इकट्ठा हो गई। करीब आधा घंटे तक यहां भाषण चला। बसपा और सपा समेत कई दलों के नेता यहां पहुंच गए। भीड़ में उपद्रवी भी शामिल थे।
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