गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा के बाद केंद्र और राज्य सरकार ने कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन कर रहे किसान संगठनों पर सख्ती बढ़ा दी है। यूपी सरकार ने गाजीपुर बॉर्डर समेत प्रदेश में हर जगह किसान आंदोलन खत्म कराने के निर्देश दिए हैं।
आंसुओं का असर: भाकियू का शक्ति प्रदर्शन आज, राकेश टिकैत के समर्थन में आधी रात गाजीपुर बाॅर्डर रवाना हुए किसान
बता दें कि गाजीपुर बॉर्डर पर किसान यूनियनों की बिजली पानी की सुविधा बंद कर दी गई और उन्हें बॉर्डर छोड़ने का आदेश दिया गया। भारतीय किसान यूनियन भाकियू के प्रवक्ता राकेश टिकैत को धरने से हटने के लिए कहा गया। राकेश टिकैत ने रोते हुए कहा, सरकार कानून वापस ले, अन्यथा मैं यहीं फांसी लगा लूंगा। उन्होंने आंदोलन खत्म करने से इनकार कर दिया।
आंदोलनरत किसानों ने बताया कि बिजली-पानी बंद किए जाने के बाद आस पास के ग्रामीणों ने पानी और जैनरेटर की व्यवस्था की है।
आंदोलन स्थल पर जहां भारी संख्या में आरएएफ व पुलिस बल तैनात है। वहीं राकेश टिकैत का वीडियो वायरल होने के बाद पश्चिमी यूपी के किसान संगठनों में रोष फैल गया। उधर चैधरी नरेश टिकैत द्वारा महापंचायत का ऐलान करने के बाद मेरठ में पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया।
शिवाया टोल प्लाजा पर पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया। गाजीपुर बाॅर्डर पर गाजियाबाद के अतिरिक्त मेरठ, बुलंदशहर, हापुड़ अमरोहा, मुरादाबाद, मैनपुरी, बागपत, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली समेत आसपास के सभी जिलों से पुलिस फोर्स बुलाई गई है।
उधर, हरियाणा के किसान भी राकेश टिकैत के समर्थन में दिल्ली चंडीगढ़ हाईवे पर जाम लगा दिया। हालांकि काफी समय बाद किसानों ने आगे की रणनीति बनाने के बाद जाम खोल दिया।
उधर, आंदोलन स्थल से वापस जा चुके किसानों ने राकेश टिकैत का वीडियो वायरल होने के बाद गाजीपुर बाॅर्डर का रुख किया है। मेरठ, बिजनौर व बागपत जिलों के किसान काफी संख्या में आधी रात को ही यूपी गेट के लिए रवाना हो गए।