प्रदेश में सत्ता की कमान योगी आदित्यनाथ के हाथों में आने के बाद पशुओं के अवैध कमेले और मीट प्लांट में हड़कंप मच गया है।
मेरठ में हापुड़ रोड पर बने मीट प्लांट भले ही बाहर से किसी आलीशान कॉरपोरेट ऑफिस की तरह से दिखते हों। लेकिन अंदर पशुओं के कत्ल को देखते ही पैरों के नीचे से जमीन खिसक जाती है।
सैकड़ों बीघे जमीन में मीट प्लांट बने हुए हैं। मीट प्लांट के चारो तरफ ऊंची ऊंची दीवारें है, मेन रोड की तरफ लोहे का मजबूत गेट है। कई गार्ड मेन गेट पर हथियार लेकर देखे जा सकते हैं।
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मीट की जांच करते कर्मचारी
अंदर प्लांट में पशुओ को कटान के लिए अलग कतार बनी रही हैं। पशु काटने वाले लोग दिन की मजदूरी पर जाते हैं, जिनका पेशा ही पशु काटना होता है। खास बात यह है कि यहां काम करने वालों में महिलाओं की संख्या हजारों में है।
पशुओं की लंबी लाइन लगा दी जाती है, जहां सबसे पहले उनकी गर्दन के नीचे लंबे छुरे से वार किया जाता है, एक या दो छूरे गर्दन के नीचे लगने पर पशु खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़ता है।