उत्तर प्रदेश के बागपत में गुरुवार को नाले में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए जाने के विरोध, जाम और हंगामे के दौरान पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। चार घंटे तक यहां हंगामा चलता रहा। इस दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। एक बुजुर्ग महिला को गर्दन को पकड़कर खींचा गया।
तस्वीरें: हाईवे पर चार घंटे चला हाई वोल्टेज हंगामा, बुजुर्ग महिला को गर्दन पकड़कर खींचा, पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
- बुजुर्ग महिला को गर्दन पकड़कर खींचा, तमाशबीन बने रहे अफसर
- चार घंटे चला हाईवे पर हंगामा, पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
- चार महिलाओं सहित नौ का शांति भंग करने की आशंका में किया चालान
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सिसाना में हाईवे पर बनाए गए नाले के पानी की निकासी नहीं है। पानी हाईवे पर भर जाता है। इसको लेकर पहले भी हंगामा हो चुका है।
एनएचएआई ने जलनिकासी के लिए नाले के बीच वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने के निर्देश दिए थे। निर्माण कंपनी के कर्मचारी जेसीबी लेकर गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे सिसाना पहुंचे। भनक लगते ही महिलाएं और अन्य ग्रामीण मौके पर जुट गए।
दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर सिसाना गांव में नाले के बीच वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए जाने के विरोध में हंगामा खड़ा हो गया। ग्रामीण हाईवे पर उतर आए। महिलाओं ने जेसीबी मशीन पर पथराव कर शीशे तोड़ दिए।
सूचना पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने हंगामा कर रहीं महिलाओं को हटाने का प्रयास किया, लेकिन वे डटी रहीं। पुलिसकर्मियों और महिलाओं के बीच धक्का मुक्की हो गई।
पुलिसकर्मियों ने महिलाओं को घसीटते हुए गाड़ी में डाला। इसके विरोध में कई महिलाएं सड़क पर लेट गईं। एसडीएम अनुभव कुमार, सीओ सदर ओमपाल सिंह, कोतवाली प्रभारी मुनेंद्र पाल सिंह मौके पर पहुंचे।
ग्रामीणों से बातचीत की गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं निकला। बाद में पुलिस ने हंगामा कर रहे ग्रामीणों और महिलाओं को हिरासत में ले लिया और कोतवाली ले आए।
प्रदूषित होगा भूजल, मिट्टी उठाने का भी विरोध
ग्रामीणों का कहना था कि वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के जरिये नाले का गंदा पानी भूजल में मिल जाएगा और इसके बाद वह गांव के घरों में पहुंच जाएगा। ग्रामीण बीमार होंगे और फसलों को भी नुकसान होगा।
ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने गालीगलौज भी की। ग्रामीणों का यह भी कहना था कि बरसात और गांव का पानी नाले में बहता है।