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महाभारत युद्ध के बाद वीरान हो गई थी पांडव नगरी हस्तिनापुर, इन दो आपदाओं ने मचाई थी भारी तबाही

Thu, 03 Sep 2020 11:18 PM IST
Dimple Sirohi रविंद्र चौहान, अमर उजाला, हस्तिनापुर/मेरठ
रविंद्र चौहान, अमर उजाला, हस्तिनापुर/मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Thu, 03 Sep 2020 11:18 PM IST
सार

  • -आज भी दो हिस्सों में बंटा है हस्तिनापुर  
  • - पूरब दिशा के क्षेत्र को पांडवान और दक्षिण को कौरवान के नाम से जानते हैं लोग

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Pandav city Hastinapur was deserted after the war of Mahabharata, devastation caused by fierce flood and fire
हस्तिनापुर में मिले अवशेषों को दिखाते पुरातत्व विद प्रियंक भारती - फोटो : अमर उजाला

महाभारतकालीन ऐतिहासिक नगरी हस्तिनापुर एक समय में कौरवों पांडवों की राजधानी हुआ करती थी। इसके बंटवारे को लेकर आपसी मतभेदों के कारण महाभारत का युद्ध हुआ। यहीं से हस्तिनापुर दो हिस्सों में बंट गया था। हजाराें साल बीतने के बाद भी हस्तिनापुर आज भी पांडवान व कौरवान के नाम से जाना जाता है। आगे पढ़ें आखिर महाभारत युद्ध के बाद किन दो आपदाओं ने किया पांडव नगरी को वीरान:-


 
Pandav city Hastinapur was deserted after the war of Mahabharata, devastation caused by fierce flood and fire
हस्तिनापुर में मिले अवशेष - फोटो : अमर उजाला

महाभारत के युद्ध में काफी जन हानि हुई थी, युद्ध में सभी कौरव मारे गए। इसके बाद से ऐतिहासिक नगरी वीरान हो गई। पांडव टीले पर रिसर्च के बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के अधिकारियों को पता चला कि महाभारत के युद्ध के बाद पहले तो यहां पर भीषण बाढ़ आई उसके बाद यहां आग लगने से महाभारतकालीन कई अवशेष समाप्त हो गए।


 
Pandav city Hastinapur was deserted after the war of Mahabharata, devastation caused by fierce flood and fire
हस्तिनापुर - फोटो : अमर उजाला

पांडव टीले, पांडव महल से पश्चिम दिशा की और कौरवों का महल था जिसका अस्तित्व ही पूरी तरह समाप्त हो चुका है। मुख्य मार्ग से पूरब दिशा में पांडवान और पश्चिम दिशा के क्षेत्र को कौरवान कहा जाता है।


 
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Pandav city Hastinapur was deserted after the war of Mahabharata, devastation caused by fierce flood and fire
हस्तिनापुर - फोटो : अमर उजाला

वहीं हस्तिनापुर पर शोध कर रहे नेचुरल साइंसेज के अध्यक्ष और शोभित यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर प्रियंक भारती ने बताया कि हस्तिनापुर को पूर्व में दो बार बड़ी प्राकृतिक आपदाओं ने तहस-नहस कर दिया था।

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Pandav city Hastinapur was deserted after the war of Mahabharata, devastation caused by fierce flood and fire
हस्तिनापुर में मिले अवशेषों को दिखाते पुरातत्व विद प्रियंक भारती - फोटो : अमर उजाला

सबसे पहले भीषण बाढ़ आने और मौर्य काल में बिंदुसार के शासन में यहां आग लगने का मामला सामने आता है। इस कारण यहां धरती में दबे हुए अवशेष आज भी काले रंग के प्राप्त होते हैं।

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