सहारनपुर में एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे के बाद जिस समय भीड़ कार के ऊपर से बजरी हटा रही थी तो उस दौरान अंदर से कुछ आवाजें भी आ रही थीं। प्रत्यक्षदर्शी संजीव कुमार, राजीव और दिनेश आदि ने बताया कि ऐसा लग रहा था कि मानों अंदर कोई सिसक रहा हो, लेकिन जब तक बजरी हटाई गई तब सभी आवाजें खामोश हो चुकी थीं।
बताया जा रहा है कि उस समय तक संदीप की सांसें चल रही थीं। जिस कार से संदीप अपने मामा के यहां जा रहे थे, वह उसके बड़े भाई प्रदीप की शादी में आई थी। कार संदीप चला रहा था। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के अंडरपास में कार पर बजरी से लदा डंपर पलट गया। हालत यह रही कि किसी को भी बाहर निकलने का मौका नहीं मिला।
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एक्सप्रेसवे पर हादसे के बाद कार पर पलटा पड़ा बजरी से भरा डंपर और क्षतिग्रस्त कार
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
घटनास्थल से लेकर जिला अस्पताल में भारी पुलिस फोर्स
हादसे के बाद घटनास्थल से लेकर एसबीडी जिला अस्पताल में भारी पुलिस फोर्स तैनात रहा। जिला अस्पताल में एसपी सिटी व्योम बिंदल के साथ थाना सदर बाजार, जनकपुरी और शहर कोतवाली पुलिस तैनात रही। घटनास्थल पर एसपी देहात सागर जैन, सीओ प्रथम मुनीश चंद्र, सीओ सदर प्रिया यादव के अलावा चिलकाना, सरसावा, फतेहपुर, गागलहेड़ी थाने की पुलिस रही।
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एक्सप्रेसवे पर हादसे के बाद कार पर पलटा पड़ा बजरी से भरा डंपर और क्षतिग्रस्त कार
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अंडरपास में हो बिजली की व्यवस्था
मंडलायुक्त डॉ. रुपेश कुमार, डीआईजी अभिषेक सिंह, डीएम मनीष बंसल, एसएसपी आशीष तिवारी ने घटनास्थल पर पहुंचकर निरीक्षण किया। इस दौरान डीएम मनीष बंसल ने एनएचएआई कर्मचारी को बुलाकर सख्त निर्देश दिए कि अंडरपास में बिजली की व्यवस्था हो। इसके अलावा दोनों सर्विस रोड पर ब्रेकर लगाए जाए, ताकि हादसों को रोका जा सके।
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हादसे के बाद बजरी में दबी पड़ी कार, जिसमें सात लोग सवार थे
- फोटो : ग्रामीण
कार पर पलटा बजरी लदा डंपर... मां बेटा, बेटी-दामाद समेत सात की मौत
सहारनपुर के सोना सैयद माजरा गांव के पास दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार बजरी से लदा डंपर कार पर पलट गया। हादसे में मां-बेटा, बेटी और दामाद सहित सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। सभी एक रिश्तेदार के अंतिम संस्कार में शामिल होने जा रहे थे। गुस्साए लोगों ने एक्सप्रेसवे पर जाम लगा दिया। साढ़े तीन घंटे तक अफसरों, नेताओं समेत सैकड़ों वाहन फंसे रहे। पुलिस ने लाठियां फटकार कर भीड़ को हटाया।
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हादसे में क्षतिग्रस्त कार
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गागलहेड़ी थाने के सोना सैयद माजरा गांव निवासी मेडिकल स्टोर संचालक संदीप सैनी (25) के मामा ऋषिपाल सैनी निवासी मोहद्दीपुर की बृहस्पतिवार शाम बीमारी के कारण मौत हो गई थी। शुक्रवार सुबह अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए संदीप अपनी मां रानी (55), बहन जूली (27), जीजा शेखर (28), भांजे अनिरुद्ध (2) निवासी छांगा मजरी थाना भगवानपुर हरिद्वार, मौसेरे भाई विपिन (22) निवासी दौलतपुर व भाई प्रदीप के ससुर उमेश सिंह (55) निवासी मेहदूदपुर रावली हरिद्वार के साथ पंच कार में जा रहे थे।