पश्चिमी यूपी के कई शहरों में गुरुवार रात से रुक- रुककर बारिश हो रही है। वहीं शुक्रवार को मेरठ में फलावदा व रसूलपुर सहित कई क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ जमकर ओले पड़े। इसके अलावा मुजफ्फरनगर के खतौली में भी बारिश के खूब ओले पड़े हैं। ओले पड़ने से फिर ठंड बढ़ गई है। अगली स्लाइडों में देखिए खूबसूरत तस्वीरें-
2 of 6
जमकर पड़े ओले
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि तीन दिन से पश्चिमी यूपी के शहरों में रुक- रुककर हो रही बारिश से मौसम भी ठंडा हो गया है। लोगों ने फिर से गर्म कपड़े निकाल लिए हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अभी तीन दिन बारिश के आसार बने हैं।
3 of 6
जमकर पड़े ओले
- फोटो : अमर उजाला
उधर, बागपत में भी तेज हवा के साथ हुई बारिश से गेहूं और सरसों की फसल को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक बारिश ने सब्जी के फसल चक्र को बिगाड़ दिया। इससे सब्जी उत्पादक और किसान बेहद परेशान हैं। नमी के कारण कटी हुई गन्ने की फसल की जड़ में फफूंदी लग गई है। इससे आगामी सीजन में उत्पादन घटने का खतरा पैदा हो गया है।
4 of 6
ओले पड़ने से फसलों को नुकसान हुआ
- फोटो : अमर उजाला
दो दिन हुई बारिश और चली तेज हवा ने मौसम का मिजाज बिगाड़ दिया है। बुधवार की रात भी तेज हवा के साथ बारिश हुई थी। इससे बागपत के गांव मुबारिकपुर फिरोजपुर, फखरपुर, बड़ागांव, सैदपुर, सांकरौद, सुन्हैड़ा, बसी आदि गांवों में सरसों और गेहूं की फसल गिरने से अधिक नुकसान हुआ।
5 of 6
जमकर पड़े ओले
- फोटो : अमर उजाला
किसान रामकुमार, महेंद्र, राममेहर, नरेंद्र, बिजेंद्र, हरबीर, प्रमोद, रविंद्र आदि किसानों ने बताया कि उनकी गेहूं व सरसों की फसल में 30 से 40 प्रतिशत तक नुकसान हो गया है। नमी के कारण कटी हुई गन्ने की फसल की जड़ में वर्षा के कारण फफूंदी लग गई है। खेतों में गन्ने की पत्तियां फैली हुई हैं। इस कारण कटी हुई फसल की जड़ों में धूप व हवा नहीं पहुंचती। इससे आगामी सीजन में उत्पादन घटने का खतरा पैदा हो गया है।