धर्मांतरण मामले में एटीएस ने खतौली में दबिश देकर मौलाना कलीम सिद्दीकी के करीबी हाफिज इदरीश को भी हिरासत में ले लिया है। इदरीश को हिरासत में लिए जाने की सूचना मिलते ही मदरसा जामिया इमाम वलीउल्लाह इस्लामिया में पढ़ने वाले छात्र, शिक्षक और स्टाफ के लोग, गांव फुलत में रहने वाले कलीम के खानदानी और परिजन रातों-रात भूमिगत हो गए।
एटीएस ने मंगलवार रात को मौलाना कलीम सिद्दीकी को धर्मांतरण के मामले में मेरठ से गिरफ्तार किया था। बुधवार देर रात एटीएस की एक टीम ने उसके करीबी और विश्वासपात्र हाफिज इदरीश को भी खतौली में उसके आवास से हिरासत में ले लिया।
बताया गया कि गुरुवार को मदरसे का मुख्य द्वारा खुला हुआ था, अंदर की तीनों मंजिलों के द्वार पर लगे चैनल बंद थे और चैनल व मदरसे के सभी कार्यालयों, मौलाना कलीम सिद्दीकी के परिजनों और निकट संबंधियों के मकानों पर भी ताले लगे हैं। मदरसा प्रांगण में मौजूद मस्जिद में गांव के इक्का-दुक्का लोग केवल नमाज पढ़ने के लिए पहुंचे।
मौलाना कलीम के करीबियों की तलाश में सुरक्षा एजेंसी
2 of 6
मौलाना कलीम सिद्दीकी
- फोटो : अमर उजाला
फुलत के मौलाना कलीम सिद्दीकी के करीबियों की तलाश में सुरक्षा एजेंसी लग गई है। मुजफ्फरनगर में हाफिज इदरीश की गिरफ्तारी के बाद मेरठ, शामली व सहारनपुर समेत पश्चिमी यूपी के जिलों में जानकारी जुटाई जा रही है। मेरठ में जिस कार्यक्रम में मौलाना आए थे, इसके बारे में भी छानबीन की जा रही है।
3 of 6
धर्मांतरण का मामला: मौलाना कलीम सिद्दीकी
- फोटो : अमर उजाला
अवैध धर्मांतरण और विदेशों से फंडिंग के मामले में मुजफ्फरनगर के फुलत गांव निवासी मौलाना कलीम सिद्दीकी को मेरठ से एटीएस ने मंगलवार रात गिरफ्तार किया था। कलीम से पूछताछ के बाद उसके करीबी हाफिज इदरीश को भी एटीएस ने उठाया है।
4 of 6
धर्मांतरण का मामला: मौलाना कलीम सिद्दीकी
- फोटो : अमर उजाला
वहीं धर्मांतरण प्रकरण में दो लोगों की गिरफ्तारी के बाद उनके करीबियों को सुरक्षा एजेंसी ने निशाने पर ले लिया है। उनकी गोपनीय तरीके से जांच चल रही है। पश्चिमी यूपी में एटीएस ने डेरा डाला हुआ है। गुरुवार को सुरक्षा एजेंसी ने कई जगह पर मौलाना के करीबियों की जानकारी जुटाई।
5 of 6
मौलाना कलीम सिद्दीकी,सना खान
- फोटो : अमर उजाला
मेरठ में भी चल रही जांच
मौलाना कलीम हुमायूं नगर में मौलाना सारिक के घर जिस कार्यक्रम में शामिल होने आए, उसकी जांच चल रही है। क्या कार्यक्रम था और कौन-कौन लोग इसमें शामिल थे। इसकी भी सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुट गई। मौलाना सारिक का कहना है कि उनके यहां पर कोई कार्यक्रम नहीं था। वह सिर्फ मुलाकात करने आए थे।