उत्तर प्रदेश में यूपी एटीएस द्वारा पकड़े गए मौलाना कलीम सिद्दीकी की प्रारंभिक शिक्षा फुलत गांव के एक मदरसे में हुई। इसके बाद उसने पिकेट इंटर कॉलेज खतौली से विज्ञान वर्ग में इंटरमीडिएट किया। इसके बाद मौलाना ने मेरठ कॉलेज, मेरठ से बीएससी पास की। यही नहीं मौलाना कलीम ने प्री मेडिकल टेस्ट में 57वीं रैंक हासिल की, लेकिन एमबीबीएस में प्रवेश नहीं लिया। मौलाना कलीम सिद्दीकी की गिनती क्षेत्र के इस्लामिक विद्वानों में होती है।
देश में धर्मांतरण का बड़ा खेल: मदरसे से पढ़ाई की शुरुआत, फिर प्री मेडिकल टेस्ट में 57वीं रैंक, अब सामने आए मौलाना के काले कारनामे
कई दिनों से पीछे लगी थी एटीएस
मौलाना कलीम सिद्दीकी की गतिविधियां संदिग्ध थी, इसकी जानकारी सुरक्षा एजेंसियों को पहले से थी। कलीम के खिलाफ सबूत जुटाने और निगरानी के लिए एटीएस लग गई। पुख्ता सबूत मिलने के बाद मौलाना को एटीएस ने उठाया। वहीं एटीएस की पूछताछ में मौलाना ने धर्मांतरण वाली बात कबूल की।
रिकॉर्डिंग सुनकर मौलाना बोले, गलती हो गई
मौलाना कलीम सिद्दीकी और तीन साथी मौलाना व ड्राइवर सलीम को उठाकर एटीएस सीधे लखनऊ अपने हेड क्वार्टर ले गई। वहां पांचों से पुलिस ने पूछताछ की। मौलाना फुलत नहीं, बल्कि दिल्ली में परिवार के पास जाने वाले थे। इसकी जानकारी एटीएस टीम को पहले से थी। एटीएस के पास मौलाना कलीम से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और रिकॉडिंग है। जिन्हें सामने रखते ही मौलाना ने कहा कि गलती हो गई।
मौलाना से जुड़े लोगों पर जांच की आंच
धर्मांतरण के लिए विदेशों से फंडिंग का कनेक्शन मौलाना कलीम से जुड़ गया है। इसकी खुलासा होने के बाद मेरठ और मुजफ्फरनगर समेत पश्चिमी यूपी के जिलों की पुलिस भी जांच में जुट गई। सुरक्षा एजेंसियों ने मद्द करने के लिए अब कानून व्यवस्था एडीजी प्रशांत कुमार ने कप्तानों को निर्देश दे दिए हैं। जिसके बाद लोकल स्तर से भी मौलाना से जुड़े लोगों की जांच शुरू हो गई है।
उमर गौतम से जुड़ा था मौलाना कलीम
एटीएस ने यह भी खुलासा किया है कि जिस मौलाना उमर गौतम समेत दस लोगों को सुरक्षा एजेंसियों ने जेल भिजवाया है। उसी उमर गौतम से मौलाना का कनेक्शन मिला है। इसी इनपुट के बाद तीन महीने से मौलाना की सुरक्षा एजेंसी ने जांच शुरू कर दी थी। जांच के आधार पर ही मौलाना को पकड़ा गया था।