यूपी क्राइम: पुलिस की सूरत बदली तो बदमाशों ने बदले अपराध के तरीके, नए चेहरों ने बढ़ाई चुनौती
हत्या, लूट, दुष्कर्म, रंगदारी मांगने जैसी संगीन वारदात बदमाश दूसरे जिलों में जाकर करने लगे हैं। पुलिस लोकल बदमाशों की कुंडली खंगालती रही और वारदात करने वाले काफी दूर चले जाते हैं। ऐसा कई घटनाओं में देखने को मिला। हाईवे पर दुल्हन महविश की हत्या, मोहनपुरी में डीएम ऑफिस के क्लर्क के घर दिनदहाडे़ डकैती, सुशीला मैटरनिटी हॉस्पिटल में सिक्योरिटी गार्ड की हत्या समेत कई वारदातों में दूसरे जिलों से बदमाश आकर वारदात कर गए। जिनको काफी मशक्कत के बाद ढूंढा गया।
अपराध का ट्रेंड बदला है। वारदात में नए बदमाश आ रहे हैं, उनको पकड़ना वाकई पुलिस के सामने बड़ी चुनौती बनने लगा है। इसको देखते हुए नए बदमाशों का भी पुलिस डोजियर तैयार करने में लगी है। ताकि कोई वारदात होने पर उनको खंगाला जा सके। - सतपाल सिंह, एएसपी कैंट
वारदात-1
12 अप्रैल 2018 को किठौर में शकील के घर बदमाशों ने डकैती डाली। डकैतों ने लूट के बाद शकील की पत्नी रेेशमा की हत्या कर दी। पुलिस ने लोकल और पेशेवर अपराधियों की कुंडली खंगाल ली थी। लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। बाद में मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने डकैत फैजान, नाहिद, राजिक निवासी फिरोजपुर संभल को गिरफ्तार किया। तीनों अपराधियों का मेरठ में कोई रिकॉर्ड दर्ज नहीं था। बावरिया गैंग के लीडर चंदू को बाद में पुलिस ने मुठभेड़ में पकड़ा।
वारदात-2
छह जनवरी 2018 को सिविल लाइन क्षेत्र के मोहनपुरी में चड्ढा ग्रुप की शराब कंपनी के कर्मचारियों से सरेशाम 18 लाख रुपये लूट लिए गए थे। पुलिस ने लोकल बदमाशों की कुंडली खंगाली। लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। बाद में पुलिस ने मुखबिर तंत्र के जरिये लूटकांड में प्रीतम, संदीप निवासी यादगारपुर सिविल लाइन और निखिल, राहुल निवासी कानपुर को गिरफ्तार किया था। चारों आरोपियों का कोई पुराना रिकॉर्ड नहीं मिला। ऐसे ही उन्होंने लूट करने का प्लान बनाया था।