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Jammu News: रेशमघर में गोली लगने से अखबार विक्रेता की मौत, कमरे में पड़ी थी बिना लाइसेंसी पिस्तौल
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- मां और पत्नी घर में थीं, बोलीं - नहीं सुनी गोली चलने की आवाज
- पांच कारतूस और एक खोखा भी बरामद, पुलिस ने शुरू की जांच
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। रेशमघर कॉलोनी में शिव-पार्वती मंदिर के पास वीरवार को अखबार विक्रेता दीपक शर्मा (38) की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गई। घटना पूर्वाह्न करीब 11:30 बजे के बीच की है। दीपक के माथे पर सामने से गोली लगी थी। वह घर की ऊपरी मंजिल के कमरे में खून से लथपथ मिले। मौके से बिना लाइसेंस की कंट्री मेड पिस्तौल, पांच कारतूस और एक खोखा बरामद हुआ है। घटना के समय घर में पत्नी और मां मौजूद थीं। दोनों का कहना है कि उन्होंने गोली चलने की आवाज नहीं सुनी। नवाबाद थाना पुलिस ने इनक्वेस्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पत्नी पूजा के अनुसार दीपक सुबह अखबार वितरण से जुड़े काम के बाद घर लौटे थे। उन्होंने खाना मांगा और इसके बाद ऊपर अपने कमरे में चले गए। कमरे में गणेश महोत्सव के चलते गणपति की मूर्ति स्थापित की थी। वह और सास नीचे रसोई के काम में व्यस्त थीं। कुछ देर बाद जब पूजा कमरे में पहुंचीं तो दीपक खून से लथपथ पड़े मिले। उनके माथे पर गोली का घाव था। कान और नाक से भी खून निकल रहा था। पास ही पिस्तौल पड़ी थी। पूजा ने बताया कि इसकी सूचना तत्काल मोहल्ले वालों को दी और दीपक को जीएमसी जम्मू लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिवार के अनुसार दीपक फाइनेंस कंपनी में भी काम करते थे। परिवार में माता-पिता, पत्नी और दो बच्चे हैं। रोज सुबह गणपति की मूर्ति के सामने बैठकर पाठ करना उनकी दिनचर्या का हिस्सा था।
अचानक हुई घटना से परिवार और मोहल्ले में हर कोई स्तब्ध है और मौत को लेकर अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही नवाबाद और बख्शीनगर थाने से पुलिस टीमों के साथ एसपी सिटी नार्थ विवेक शेखर भी मौके पर पहुंचे।
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पिस्तौल कहां से आई, पुलिस खंगाल रही हर कड़ी
एसपी विवेक शेखर ने कहा कि मौत संदिग्ध हालात में हुई है। बोर्ड ऑफ डॉक्टर्स से शव का पोस्टमार्टम करवाया गया है। अब पुलिस की जांच का अहम बिंदु यह है कि दीपक के पास पिस्तौल कहां से आई। क्या वह पहले से हथियार रखते थे या किसी ने उन्हें पिस्तौल उपलब्ध कराई थी। पुलिस इन सभी पहलुओं की जांच कर रही है। घटनास्थल और आसपास की परिस्थितियों को भी खंगाला जा रहा है। एफएसएल की टीम यह भी जांच कर रही है कि पिस्ताैल पर किसी अन्य व्यक्ति के फिंगरप्रिंट हैं या नहीं।
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पत्नी बोलीं - नहीं था कोई हथियार, न ही थी कोई परेशानी
पत्नी पूजा ने बताया कि घर में किसी के पास पिस्तौल नहीं थी और उन्हें नहीं पता कि यह हथियार दीपक के पास कहां से आया। परिवार ने किसी अनजान व्यक्ति को घर में आते हुए भी नहीं देखा। गोली चलने की आवाज भी किसी ने नहीं सुनी। घर में पंखा काफी तेज आवाज करता है, इसलिए शायद गोली की आवाज सुनाई नहीं दी। पूजा ने पुलिस से इस बात की जांच करने की मांग की है कि पिस्तौल दीपक के पास कहां से आई। दीपक के दो बेटे है, जिनकी उम्र आठ और 10 साल के बीच है। दोनों बच्चे स्कूल गए थे। पिता रवि शर्मा ने बताया कि दीपक ही परिवार का एकमात्र सहारा था। उसी की कमाई से घर का खर्च चलता था।
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- पांच कारतूस और एक खोखा भी बरामद, पुलिस ने शुरू की जांच
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। रेशमघर कॉलोनी में शिव-पार्वती मंदिर के पास वीरवार को अखबार विक्रेता दीपक शर्मा (38) की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गई। घटना पूर्वाह्न करीब 11:30 बजे के बीच की है। दीपक के माथे पर सामने से गोली लगी थी। वह घर की ऊपरी मंजिल के कमरे में खून से लथपथ मिले। मौके से बिना लाइसेंस की कंट्री मेड पिस्तौल, पांच कारतूस और एक खोखा बरामद हुआ है। घटना के समय घर में पत्नी और मां मौजूद थीं। दोनों का कहना है कि उन्होंने गोली चलने की आवाज नहीं सुनी। नवाबाद थाना पुलिस ने इनक्वेस्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पत्नी पूजा के अनुसार दीपक सुबह अखबार वितरण से जुड़े काम के बाद घर लौटे थे। उन्होंने खाना मांगा और इसके बाद ऊपर अपने कमरे में चले गए। कमरे में गणेश महोत्सव के चलते गणपति की मूर्ति स्थापित की थी। वह और सास नीचे रसोई के काम में व्यस्त थीं। कुछ देर बाद जब पूजा कमरे में पहुंचीं तो दीपक खून से लथपथ पड़े मिले। उनके माथे पर गोली का घाव था। कान और नाक से भी खून निकल रहा था। पास ही पिस्तौल पड़ी थी। पूजा ने बताया कि इसकी सूचना तत्काल मोहल्ले वालों को दी और दीपक को जीएमसी जम्मू लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिवार के अनुसार दीपक फाइनेंस कंपनी में भी काम करते थे। परिवार में माता-पिता, पत्नी और दो बच्चे हैं। रोज सुबह गणपति की मूर्ति के सामने बैठकर पाठ करना उनकी दिनचर्या का हिस्सा था।
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अचानक हुई घटना से परिवार और मोहल्ले में हर कोई स्तब्ध है और मौत को लेकर अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही नवाबाद और बख्शीनगर थाने से पुलिस टीमों के साथ एसपी सिटी नार्थ विवेक शेखर भी मौके पर पहुंचे।
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पिस्तौल कहां से आई, पुलिस खंगाल रही हर कड़ी
एसपी विवेक शेखर ने कहा कि मौत संदिग्ध हालात में हुई है। बोर्ड ऑफ डॉक्टर्स से शव का पोस्टमार्टम करवाया गया है। अब पुलिस की जांच का अहम बिंदु यह है कि दीपक के पास पिस्तौल कहां से आई। क्या वह पहले से हथियार रखते थे या किसी ने उन्हें पिस्तौल उपलब्ध कराई थी। पुलिस इन सभी पहलुओं की जांच कर रही है। घटनास्थल और आसपास की परिस्थितियों को भी खंगाला जा रहा है। एफएसएल की टीम यह भी जांच कर रही है कि पिस्ताैल पर किसी अन्य व्यक्ति के फिंगरप्रिंट हैं या नहीं।
पत्नी बोलीं - नहीं था कोई हथियार, न ही थी कोई परेशानी
पत्नी पूजा ने बताया कि घर में किसी के पास पिस्तौल नहीं थी और उन्हें नहीं पता कि यह हथियार दीपक के पास कहां से आया। परिवार ने किसी अनजान व्यक्ति को घर में आते हुए भी नहीं देखा। गोली चलने की आवाज भी किसी ने नहीं सुनी। घर में पंखा काफी तेज आवाज करता है, इसलिए शायद गोली की आवाज सुनाई नहीं दी। पूजा ने पुलिस से इस बात की जांच करने की मांग की है कि पिस्तौल दीपक के पास कहां से आई। दीपक के दो बेटे है, जिनकी उम्र आठ और 10 साल के बीच है। दोनों बच्चे स्कूल गए थे। पिता रवि शर्मा ने बताया कि दीपक ही परिवार का एकमात्र सहारा था। उसी की कमाई से घर का खर्च चलता था।