मेरठ में पुलिस चौकी से चंद कदमों की दूरी पर एक कार में दो लाश मिलने से सनसनी फैल गई। सवाल है कि आखिर किसी भी पुलिसकर्मी या अधिकारी ने इसकी सुध क्यों नहीं ली। परिजनों ने आरोप लगाया है कि दोनों की हत्या की गई है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलेगा दोनों दोस्तों की मौत का राज:-
पुलिस चौकी के पास मिलीं दो दोस्तों की लाश, अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलेगा 'मौत' का असली राज
मेरठ में उद्योगपुरम, परतापुर निवासी बृजपाल भोला की झाल पर कैसे पहुंच गया, इसको लेकर परिवार के लोगों के जेहन में कई सवाल हैं। कार में दूसरा व्यक्ति बिजलीघर पर तैनात कर्मचारी नरेंद्र त्यागी था। ब्रजपाल के परिजन भी नरेंद्र को नहीं जानते हैं। इसे लेकर भी असमंजस की स्थिति बनी है। प्राथमिक जांच में कार में दम घुटने से मौत बता पुलिस पल्ला झाड़ने में जुटी है। बड़ा सवाल है कि घटनास्थल से चंद कदम की दूरी पर पुलिस चौकी है, जिस पर तैनात पुलिसकर्मियों ने भी इसकी सुध नहीं ली। जबकि लोगों का कहना है कि दोपहर से यह गाड़ी यहां पर खड़ी थी। पुलिस सभी बिंदु पर जांच करने का दावा कर रही है।
परिजनों ने हत्या बता दी
कार के आगे वाली दोनों साइडों के दरवाजे लॉक नहीं थे। जिसके चलते परिजनों ने हत्या होने का भी शक जाहिर किया है। लेकिन दोनों के शरीर पर चोट के निशान नहीं थे, इससे पुलिस ने पल्ला झाड़ दिया। तर्क दिया कि अगर हत्या होती तो चोट का कोई निशान होना चाहिए था।
जहरीला पदार्थ दे दिया होगा
पीड़ित परिवार का कहना है कि दोनों लोगों को जहरीला पदार्थ दे दिया होगा। शायद यही वजह रही कि दोनों फिर कार से उठ नहीं पाए। पुलिस ने इसकी भी जांच कराने की बात कहीं है। पीड़ित परिवार ने आसपास के लोगों से भी इस संबंध में बातचीत की है, लेकिन कोई महत्वपूर्ण बात सामने नहीं आई।
कैसे बने दोनों दोस्त
बृजपाल सिंह (45) अब्दुल्लापुर भावनपुर और नरेंद्र त्यागी (55) फाजलपुर कंकरखेड़ा का निवासी था। दोनों की उम्र में दस साल का फर्क है। दोनों अलग-अलग जगह नौकरी करते हैं। दोनों के शव कार में मिलने के बाद लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर वह कैसे दोस्त बने। उनकी दोस्ती की जानकारी परिजनों को भी नहीं है। पुलिस ने दोनों के मोबाइल की सीडीआर निकालने की बात कही है। जिससे स्पष्ट हो जाएगा कि वह पहले से परिचित थे या नहीं।