सुपरवाइजर व बजरंग दल के कार्यकर्ता अंकित त्यागी की हत्या में कंपनी के ही कर्मचारी जान के दुश्मन बन गये। पुलिस के अनुसार जीजा-साले ने मिलकर सुपरवाइजर की हत्या की प्लानिंग बनाई थी। इस हत्याकांड को अंजाम देने के लिए कांशी गांव निवासी झोलाछाप डॉक्टर का भी सहारा लिया गया। वहीं, पुलिस ने शुक्रवार को गंगनहर से अंकित का शव बरामद किया है। अगली स्लाइडों में जानिए पूरा अपडेट:-
इंजेक्शन लगाकर काटा गला, फिर गंगनहर में फेंकी लाश, जीजा-साले ने रची थी ये खौफनाक साजिश
इंस्पेक्टर परतापुर तपेश्वर सागर के अनुसार जेएसबी इंटरप्राइजेज मोबाइल टावर कंपनी है। इस कंपनी में महराज निवासी कांशी परतापुर भी नौकरी करता था। शिकायत पर कंपनी के उच्चाधिकारियों ने महराज के साले बबलू निवासी ईकड़ी को नौकरी से निकाल दिया था। बबलू के नौकरी से बाहर होने के बाद ही अंकित की नौकरी लगी थी और वह सुपरवाइजर का काम देखता था।
सुपरवाइजर ने अन्य कर्मचारियों पर निगाह बढ़ा दी थी। चोरी और अन्य काम बंद करा दिए थे। महराज जहां अपने साले के नौकरी से निकलने पर परेशान था, वहीं उसका चोरी का काम भी बंद हो गया था। इंस्पेक्टर परतापुर ने बताया कि इसके बाद महराज ने अपने साले के साथ मिलकर 15 दिन पहले प्लानिंग बनाई कि अंकित को ठिकाने लगाना है। लेकिन वे डरते थे कि दबंग किस्म का होने के चलते अंकित को काबू करना आसान नहीं है। पुलिस का कहना है कि तीन जून को अंकित को अचानक दर्द की शिकायत हुई, जिसके बाद कांशी निवासी महराज ने अपने ही गांव के झोलाछाप डॉक्टर इरफान को बुलाया। पहले से ही प्लानिंग थी कि नशीला इंजेक्शन लगाना है। तीन जून की शाम जब अंधेरा हो गया तो इरफान ने अंकित की गर्दन के पास नशीला इंजेक्शन लगा दिया। उसके बाद बेहोश होने पर चाकू से गला काट दिया। शव को बोरे में बंद कर महिंद्रा पिकअप गाड़ी से ले जाकर गंगनहर में फेंक दिया।
एसपी साहब! हत्या का बदला हत्या से
परतापुर थाने के सामने दिल्ली रोड पर जाम लगाकर 100-150 लोग हत्यारोपियों की गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे थे। इस दौरान एसपी सिटी अखिलेश नारायण सिंह और सीओ चक्रपाणि त्रिपाठी ने भीड़ को समझाने की कोशिश की। इस पर भीड़ भड़क गई और एसपी सिटी को घेर लिया। लोगों ने कहा कि एसपी साहब! समझ लो... यह मेरठ है। यहां हत्या का बदला हत्या से लिया जाएगा। एसपी सिटी ने कहा कि आरोपी पकड़ लिए गए है और शव की तलाश की जा रही है। भीड़ ने कहा कि हमें कुछ नहीं पता। हत्या का बदला हत्या से लेंगे। दूसरे समुदाय के लोगों की इतनी हिम्मत कि अपहरण के बाद हत्या कर दी। इस दौरान लोग परतापुर थाने की हवालात तक पहुंच गये। बाद में पता चला कि पुलिस ने हत्यारोपियों को दूसरे थाने में बंद कर रखा है।
हत्या के बाद महराज ने मनाई ईद
इंस्पेक्टर का कहना है कि मोहम्मद महराज ने अपने साले बबलू के साथ मिलकर हत्या को अंजाम दिया। हत्या में झोलाछाप इरफान भी साथ रहा। महराज ने पूछताछ में बताया कि चार दिन से उसने कंपनी में यह बता दिया कि वह ईद के कारण घर जा रहा है। जिसे बाद हत्या के बाद दोस्तों के साथ ईद भी मनाई।